JamshedpurJharkhand

MGM अस्पताल के शवगृह में 6 में से चार बॉक्स में एक माह से रखी हैं लावारिस लाशें, एक है खराब, बरामदे में पड़े हैं शव

बदबू से कर्मचारी परेशान, लावारिस शवों के डिस्पोजल का जिम्मा पुलिस का, लेकिन थाना नहीं ले रहा रुचि

Anand Rao

Jamshedpur : कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल महात्मा गांधी मेमोरियल कॉलेज एवं अस्पताल (एमजीएम) के शवगृह में पिछले एक महीने से पड़े अज्ञात शवों की बदबू से वहां कार्यरत कर्मचारी परेशान हैं. शवों से उठनेवाली सड़ांध से वहां रहना दूभर हो चुका है. अस्पताल की मॉर्चरी में छह बॉक्स हैं, जो पूरे भर चुके हैं. इस कारण अन्य शवों को बरामदे में रखना पड़ रहा है. इलाज के दौरान हुई मौत एवं आकस्मिक मौत के बाद पोस्टमार्टम के लिए ले जाने की कानूनी प्रक्रिया तक शव को मर्चरी में रखा जाता है लेकिन  पिछले एक महीने से छह में से चार बॉक्स में अज्ञात शव पड़े हैं.

सिर्फ दो नंबर बॉक्स का हो रहा उपयोग, बाकी शवों को रखते हैं बरामदे में

ram janam hospital
Catalyst IAS

The Royal’s
Pushpanjali
Pitambara
Sanjeevani

एक नंबर बॉक्स में एक भीख मांगनेवाले व्यक्ति का शव 34 दिन से पड़ा है. तीन नंबर बॉक्स में इलाज के दौरान सर्जरी वार्ड में मृत अज्ञात महिला का शव 19 दिसंबर से रखा हुआ है. 5 नंबर बॉक्स में इमरजेंसी वार्ड में मृत अज्ञात मरीज का शव 6 जनवरी से रखा है. वहीं 6 नंबर बॉक्स में मिस्टर विग नामक व्यक्ति का शव 26 दिसंबर से रखा है, जिसकी मेडिकल वार्ड में इलाज के दौरान मौत हो गयी थी. बचे हुए दो बॉक्स में 4 नंबर बॉक्स खराब है. वर्तमान में 2 नंबर बॉक्स का ही उपयोग किया जा रहा है. ऐसे में प्रतिदिन तीन से चार शवों को शीत गृह के बरामदे में ही रखने के लिए वहां के कर्मचारी मजबूर हैं. इस समस्या से मॉर्चरी के कर्मचारियों ने कई बार प्रबंधन को अवगत कराया, लेकिन लेकिन अब तक समाधान की कोई पहल नहीं हुई है.

लावारस शवों के अंतिम संस्कार को लेकर एसएसपी से मिलेंगे  : डॉ चौधरी 

इधर एक मामले में जांच करने अस्पताल पहुंचे एडीएम संदीप कुमार मीणा को इस बारे में जानकारी दी गयी, तो उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी उन्हें नहीं थी. अभी यह मामला संज्ञान में आया है. वे अस्पताल के उपाधीक्षक से मामले की जांच कर निष्पादन करने का निर्देश देंगे. उधर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ नकुल चौधरी ने कहा कि अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार कराने की प्रक्रिया जिला पुलिस द्वारा की जाती है. इसे लेकर अस्पताल की ओर से कई बार स्थानीय थाना पुलिस को सूचित किया गया है लेकिन  पुलिस की तरफ से किसी प्रकार का पहल नहीं की जा रही है. इस कारण काफी परेशानी हो रही है. उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर जल्द ही वह एसएसपी को अवगत करायेंगे.

इसे भी पढ़ें – पश्चिमी सिंहभूम में कोविड-19 से मौत के 134 मामले सूचीबद्ध, 30 के आश्रितों को मिला मुआवजा

Related Articles

Back to top button