ChaibasaJharkhand

गिरफ्तार सीआरपीएफ जवान ने खोला कोल्हान एस्टेट पुलिस बहाली का राज, कहा – आनंद चातर ने एक लाख वेतन और डीएसपी रैंक का लालच दिया था, हो रही फर्जी बहाली

Chaibasa : कोल्हान एस्टेट गर्वनमेंट द्वारा जिले के सदर प्रखंड की कुर्सी पंचायत के लादुराबासा गांव में रविवार को फर्जी कोल्हान पुलिस की बहाली लेने के साथ-साथ नियुक्ति पत्र देने के आरोप में गिरफ्तार किये गये मुख्य अभियुक्त सीआरपीएफ जवान अजय पाडया ने अपने बयान में कहा है कि आनंद चातर ने उसे काफी बड़ी रकम देने का लालच दिया था. इसी लालच में वह उसका साथ दे रहा था.  पाडया ने कहा है कि वह सीआरपीएफ का जवान है. उसे वेतन के रूप में 50 हजार रुपया मिलता है. आनंद चातर ने उसे एक लाख रुपया प्रतिमाह वेतन देने और कोल्हान पुलिस में डीएसपी का रैंक देने का लालच दिया था. आजय पाडया ने बयान में कहा है कि आनंद चातर के पास वेतन देने की हैसियत नहीं है और ना ही उसके पास आय का कोई साधन है. यह बहाली पूरी तरह फर्जी है.

दो और आरोपी गिरफ्तार, छापामारी जारी

बता दें कि चाईबासा पुलिस ने रविवार को फर्जी बहाली में शामिल अजय पाडया के साथ चार लोगों को गिरफ्तार किया था. इसके विरोध में दो सौ से अधिक महिला-पुरुष मुफ्फसिल थाना का घेराव कर पकड़े गये चारों लोगों की रिहाई की मांग करने लगे और पुलिस के साथ हाथापाई और पत्थरबाजी भी की. इस घटना को लेकर मुफस्सिल थाना में गारदी सुंडी, ग्राम लोंजो, थाना सोनुवा,  बबेंदर देवगम उर्फ सुखदेव देवगम, सुशील देवगम एवं अर्जुन देवगम (तीनों ग्राम सुरजाबासा, थाना – झींकपानी), अजय पाडेया, समीर पाडेया उर्फ मार्शल, दोनों सगे भाई (ग्राम -लादूराबासा), हरिकृष्ण देवगम उर्फ हुडिंग बाबू (ग्राम काकूसी, मुफस्सिल थाना), रंजीत बानरा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. इसके अलावा रविवार को फर्जी बहाली करने, थाना घेरने और पुलिस पर हमले के आरोप में  महती देवगम उर्फ राम सिंह देवगम (झींकपानी), मानकी अल्डा (मुफस्सिल), कुदराय देवगम (मुफस्सिल), सुरजा देवगम उर्फ टिंकू (झींकपानी), लक्ष्मण देवगम (झींकपानी, सीनू गोडसोरा (मुफस्सिल), मानसिंह बारदा  (मुफस्सिल) तथा विजय हाईबुरु (बागबेड़ा, पूर्वी सिंहभूम) को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. इनमें लादू बारी और विकास बानरा को सोमवार को गिरफ्तार किया गया. बाकी  अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापामारी अभियान चलाया जा रहा है.

इसे भी पढ़ें – पटना का राजेंद्र नगर टर्मिनल बना अखाड़ा, पुलिस ने परीक्षार्थियों को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे

 

Advt

Related Articles

Back to top button