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विभागीय देरी के कारण अब मिली 1800 करोड़ के लोन की स्वीकृति, दो महीने पहले भेजा गया था प्रस्ताव

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  • बकाया भुगतान में देर होने के कारण केंद्र ने किया हस्तक्षेप, 15 दिनों का दिया अल्टीमेटम
  • डीवीसी का बकाया 32 करोड़ रुपये

Chhaya

Ranchi: ऊर्जा विभाग ने दो महीने पहले ही वित्त विभाग को लोन संबधी प्रस्ताव भेजा था. लोन आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत लिया जाना है जिससे जेबीवीएनएल डीवीसी का बकाया भुगतान करेगी.

वहीं जेबीवीएनएल की ओर से जून में ही लोन लिये जाने का निर्णय लिया गया था. जिसके बाद उर्जा विभाग को जेबीवीएनएल ने अनुशंसा भेजी. अब डीवीसी के बकाया भुगतान में केंद्र ने हस्तक्षेप किया है.

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केंद्र सरकार की ओर से उर्जा विभाग को आदेश दिया गया है कि पंद्रह दिनों के भीतर डीवीसी का बकाया भुगतान किया जाये जिसके बाद वित्त विभाग ने 1800 करोड़ लोन लेने का निर्णय लिया है.

उर्जा और वित्त विभाग की देरी के कारण, डीवीसी के मामले में केंद्र ने हस्तक्षेप किया जबकि डीवीसी की ओर से कई बार इस मामले में जेबीवीएनएल और उर्जा विभाग को पत्र लिखा गया है.

5608.32 करोड़ रुपये बकाया

जेबीवीएनएल के पास डीवीसी का 5608.32 करोड़ रुपये बकाया है. जबकि केंद्र सरकार की ओर से झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड को बिजली उत्पादक कंपनियों के बकाया भुगतान के लिए 90 हजार करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है.

अब वित्त विभाग की ओर से 1800 करोड़ लोन लेने की योजना बनायी जा रही है. जून महीने में डीवीसी ने जेबीवीएनएल को बकाया भुगतान के लिए नोटिस दिया जिसके बाद जेबीवीएनएल के अधिकारियों ने बैठक कर लोन लेने की येाजना बनायी.

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1800 करोड़ लोने लेने के मामले को कैबिनेट में लाया जायेगा. जिसकी स्वीकृति के बाद राज्य सरकार लोन लेगी. इसके पहले जेबीवीएनएल की ओर से 5600 करोड़ लोन लेने की योजना बनायी गयी थी. इसी संबध में प्रस्ताव उर्जा विभाग को भेजा गया था.

18 घंटे तक की गयी लोड शेडिंग

फरवरी में डीवीसी ने जेबीवीएनएल को 18 घंटे तक लोड शेडिंग करने का अल्टीमेटम दिया. तब जेबीवीएनएल के पास डीवीसी का लगभग 4995  करोड़ बकाया था. डीवीसी कमांड एरिया के सात जिलों में बकाया भुगतान नहीं होने पर लगभग 25 दिनों तक लोड शेडिंग की गयी. जिसके बाद 14 मार्च को डीवीसी और जेबीवीएनएल के बीच वार्ता हुई.

वार्ता में सहमति बनी की जेबीवीएनएल हर महीने बिजली खरीद का भुगतान करेगा. इसके बाद भी जेबीवीएनएल ने मार्च के बाद से जेबीवीएनएल ने डीवीसी को बकाया भुगतान नहीं किया है. हर महीने जेबीवीएनएल 200 से 250 करोड़ की बिजली डीवीसी से लेती है.

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