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18 दिन से खराब रिम्स का MRI मशीन, निराश लौट रहे मरीज

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Saurav Shukla

Ranchi, 04 December: सूबे का सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में बदहाली का आलम हर रोज रहता है. गरीब मरीजों के लिए यह अस्पताल वरदान से कम नहीं है, लेकिन रिम्स प्रबंधन और स्वास्थ्य मंत्री के उदासीन रवैये के कारण अस्पताल में  लगी एमआरआई (मैगनेटिक रेसोनेंस इमैजिनिंग) मशीन पिछले 18 दिन से ख़राब पड़ी है. वहीं रिम्स जांच संग्रह केंद्र में लगी बैकमैन कूल्टर भी 01 दिसंबर से बंद पड़ी है. ऐसे में जांच के लिए  दूर-दराज क्षेत्र से आने वाले लोगों को समस्या हो रही है. उन्हें अधिक पैसा खर्च कर प्राइवेट जांच केंद्र जाना पड़ रहा है.

रिम्स में सिर्फ 3500 में होती है एमआरआई, बाहर लगते हैं 8000

रिम्स में  एमआरआई जांच के  लिए 3500 रूपया मरीजों को भुगतान करना पड़ता है. जबकि गरीबी रेखा में आने वाले मरीजों के लिए ये जांच निशुल्क की जाती है. वहीं प्राइवेट जांच घर में एमआरआई के लिए 7000-8000 रूपया वसूला जाता है. अब सवाल ये है कि जांच नहीं होने कारण मरीजों की जान पर भी आफत बानी हुई है और जिस उद्देशय के साथ मरीज अस्पताल आते हैं वो भी पूरा नहीं हो पता है. वहीं एमआरआई मशीन का मेंटेनेंस करने वाली कंपनी ने मशीन को डेड घोषित कर दिया है. 

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एक सप्ताह से मशीन ठीक होने की बात कही जा रही है: मुखलाल पंडित 

अपनी मां  का इलाज करवाने के लिए आए परिजन मुखलाल ने  कहा की पिछले सप्ताह भर से मशीन ठीक होने की बात कही जा रही है. दिन प्रतिदिन मरीज की हालत गंभीर होते जा रही है, लेकिन यहां कोई सुनने वाला नहीं है. मजबूरन प्राइवेट जांच घर से अधिक पैसा  खर्च कर  एमआरआई करवाना पड़ा है

बैकमैन कूल्टर खराब होने से नहीं मिल रही रिपोर्ट: रानी देवी 

पलामू से आयी महिला रानी ने कहा कि पिछले 3 दिन से रिपोर्ट के लिए चक्कर काट रही हूं, लेकिन जांच संग्रह केंद्र में बैठे कर्मचारी मशीन ख़राब होने का हवाला दे कर बाद में आने की बात  करते हैं. अब पलामू से दोबारा आने में किराये के साथ समय भी लगता है. वहीं जांच रिपोर्ट नहीं आने से स्वास्थ्य भी ख़राब हो रहा है. 

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एमजीएम अस्पताल से रेफर, रिम्स का भी बुरा हाल: कुर्मी होनहागा 

चाईबासा से इलाज के लिए आए मरीज के परिजन कुर्मी होनहागा ने कहा कि एमजीएम अस्पताल से रिम्स रेफर किया गया, लेकिन यहां एमआरआई मशीन ख़राब होने की बात कही जा रही है. अब मरीज की स्थिति ख़राब होते जा रही है और बहार जांच के लिए इतना पैसा नहीं है की मरीज का एमआरआई करवा पायें. 

निदेशक से बात कर जल्द ही होगी मशीन की खरीद: स्वास्थ्य मंत्री 

एमआरआई मशीन ख़राब होने के सवाल पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने कहा कि  निदेशक से बात कर इसे जल्द ही ठीक किया जाएगा. वहीं जब एमआरआई मशीन का लाइफ खत्म होने की बात कही गया तब मंत्री  ने कहा कि नए सिरे से टेंडर निकल कर मशीन की खरीदारी की जाएगी. 

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