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गुमला और घाघरा में 30 दिनाें में 17 हत्या, एसपी बोले : शांति है

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Gumla/ Ranchi : झारखंड के उग्रवाद प्रभावित जिला गुमला में नक्सली गतिविधियां भले ही कम हो गयी हो, लेकिन हत्या की घटनाओं में कोई कमी नहीं आयी है. जिले में बढ़ती हत्या और बिगड़ती कानून-व्यवस्था पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन चूकी है. बता दें पिछले एक माह में गुमला में 17 हत्या लोगों की हत्‍या हो चुकी है. बढ़ती हत्या और अपराध से लोगों भय के मौहल में जीने को मजबूर हैं.

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शराब, जुआ और प्रेम प्रसंग की वजह से ज्‍यादा हत्याएं

गुमला में शराब, जुआ और प्रेम प्रसंग की वजह से आये दिन हत्याएं हो रही हैं. हाल में हुई घटना को देंखे तो अधिकांश घटनाएं शराब के नशे में हो रही हैं, या फिर प्रेम प्रसंग या जुआ की वजह से. वहीं पुलिस अब तक शराब कारोबार और जुआ पर अंकुश लगाने में कोई तेजी नहीं दिखा रही.

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गुमला में लड़कियां नहीं हैं सुरक्षित

गुमला में लड़कियां बिल्कुल सुरक्षित नहीं हैं. उनके साथ आये दिन दुष्कर्म की घटनाएं सुनने को मिलती रहती हैं. कई बार दुष्कर्म के बाद लड़की की हत्या भी कर दी जाती है. कुछ मामलों का पुलिस ने उद्भेदन जरूर किया है, लेकिन कई आरोपी अभी भी पकड़ से बाहर हैं.

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गुमला और घाघरा में सबसे ज्यादा हत्याएं

गुमला के घाघरा प्रखंड में इन दिनों हत्या की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है. अपराधी लगातार घटना को अंजाम देकर पुलिस को सीधे चुनौती दे रहे हैं. पिछले एक महीना के अंदर आधा दर्जन से अधिक हत्याएं हुई हैं.  कुछ दिन पहले यहां दो युवक को पत्थर से कूच कर हत्या कर दी गयी थी.

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हाल के दिनों में हुई कुछ हत्या की घटनाएं

28 सितंबर को कुहीपाठ खंभा ग्राम में 60 वर्षीय महिंद्र टाना भगत की अपराधियों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी.

29 सितंबर को सेरेंगदाग भैंस बथान गांव में इतवा उरांव को अज्ञात अपराधियों ने धारदार हथियार से काट कर हत्या कर दी.

26 अक्टूबर को घाघरा प्रखंड मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर दूर देवाकी में तीन अपराधियों ने ग्रामीण महेश महतो की हत्या कर दी. जिसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने एक अपराधी आकाश सिंह का सेंदरा कर दिया था.

29 अक्टूबर को तारा गुट्टू अंबा टोली में दो युवकों को पत्थर से कूच कर अज्ञात अपराधियों ने मार डाला.

22 अक्टूबर को रायडीह थाना क्षेत्र के मांझाटोली डाड़टोली निवासी करमा कुजूर की पत्नी रुनिया कुजूर की अज्ञात अपराधियों ने पत्थर से कूच कर हत्या कर दी.

गुमला में शांति कायम है. अचानक कुछ हत्या हो जाए तो इसका मतलब ये नहीं है कि गुमला में अपराधी बेलगाम है. हाल में जितनी भी हत्याएं हुई वो हत्याएं किसी उग्रवादी संगठनों के द्वारा नहीं की गई है. जो भी हत्या हुई है वह सभी आपसी विवाद के चलते हुई हैंं.

अंशुमान कुमार, गुमला एसपी 

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