न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

मानव तस्करों के चंगुल से मुक्त हुए 16 युवक-युवतियां रांची पहुंचे

धोखे से दिल्ली के बड़े मानव तस्करों के हवाले किया गया था

114

Ranchi: मानव तस्करों के चंगुल से मुक्त हुए 16 युवक-युवतियां मंगलवार को राजधानी एक्सप्रेस से रांची पहुंचे. इनमें से कई नाबालिग भी हैं. ये सभी झारखंड की राजधानी रांची सहित अन्य जिलों के हैं. इन्हें मानव तस्करों ने बहला-फुसला कर, प्रलोभन देकर, और धोखा देकर दिल्ली के बड़े मानव तस्करों के हवाले कर दिया था. वहां इन्हें घरों में नौकरानी का काम करने पर मजबूर किया गया.

इसे भी पढ़ें:साहेबगंज: प्रखंड कायार्लय से 50 मीटर की दूरी पर एक व्यक्ति की भूख से हुई मौत

कई बच्चियों के साथ हुआ है दुष्‍कर्म, की जाती थी मारपीट

कई बच्चियों ने बताया की उनके साथ शारीरिक शोषण भी किया गया. मारपीट और प्रताड़ना तो आम बात थी. यहां तक कि किसी को मजदूरी तक नहीं मिली. कई के साथ तस्करों ने, तो कई के साथ काम कराने वालों ने बलात्कार किया. इसमें सबसे दर्दनाक स्थिति गोड्डा की बच्ची की है, जिसके साथ मानव तस्कर रोहित मुनि ने बलात्कार किया. उसकी पत्नी प्रभा मुनि भी साथ देती थी. बच्चियों ने बताया कि विरोध करने पर प्रभा मुनि, रोहित मुनि, उनकी बेटी, मारपीट करते औऱ गर्म आयरन से कई जगह-जगह जला दिया। इतने से भी मन नहीं भरा तो जान से मारने के लिए गले पर चाक़ू से वार किया गया था.

इसे भी पढ़ें:RSSऔर सरकार के कार्यक्रम ‘लोकमंथन’ पर खर्च होंगे चार करोड़, व्यवस्था में लगाये गये पांच…

शक्ति वाहिनी सभी बच्‍चों को लेकर आयी रांची

शक्ति वाहिनी मंगलवार को सभी बच्चों को जो दिल्ली और असपास के क्षेत्र से रेस्क्यू करके दिल्ली की बाल कल्याण समितियों की अनुशंसा से दिल्ली के होम में रह रहे बच्चों को लेकर आयी. रांची रेलवे स्टेशन पर बच्चों को रिसीव करने बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर, शक्ति वाहिनी से ऋषिकांत, अनिल, रांची रेलवे चाइल्ड लाइन के सदस्य उपस्थित थे.

इसे भी पढ़ें:कास्टिज्म की बात करने पर फंसे पलामू SP, गृह विभाग ने किया शोकॉज, मांगा स्पष्टीकरण

सभी को भेजा गया प्रेमाश्रय

palamu_12

इन बच्चों को प्रेमाश्रय भेजा गया, जहां उनके खाने की व्यवस्था के साथ बाल कल्याण समिति रांची ने बयान लेकर उनके गृह जिले भेजने की प्रक्रिया पूरी की. कुछ जिले बच्चों को ले गये शेष जिले बुधवार तक अपने बच्चों को ले जायेंगे.

इसे भी पढ़ें:रांचीः शख्स की पीटकर हत्या, तीन आरोपी गिरफ्तार

पोस्को सहित अन्य एक्ट के अंतर्गत दर्ज होगा मुकदमा

बाल संरक्षण आयोग ने बच्चों के बयान के आधार पर पोस्को सहित अन्य एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दर्ज करने, विक्टिम कॉम्पेन्सेश देने, बच्चों को सुरक्षा देने, उन्हें पुनर्वासित करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाने और इसकी रिपोर्ट आयोग को देने को कहा. 16 बच्चों में एक चाईबासा का लड़का भी था। रांची, गोड्डा, गुमला, साहेबगंज, लोहरदगा,  सिंमड़ेगा, पाकुड़, गिरिडीह के बच्चे भी शामिल थे.

इसे भी पढ़ें: भारत को लूटो, भारत से भागो, नई योजना आई है क्या प्रधानमंत्री जी

चंडीगढ़ बाल संरक्षण आयोग ने निभायी मुख्य भूमिका

चंडीगढ़ बाल संरक्षण आयोग के बीके गोयल और शक्ति वाहिनी ने तब बच्चों की बरामदगी से लेकर इलाज़ करने में अहम् भूमिका अदा की थी. कई महीनों तक चंडीगड़ और बाद में दिल्ली के अस्पताल में इलाज़रत रही थी. जब इस बच्ची का इलाज़ दिल्ली के अस्पताल में चल रहा था. उस समय झारखंड बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ने अस्पताल में बच्ची से मुलाकात की थी. उस समय डॉक्टर्स ने बच्ची की कंडीशन क्रिटिकल बताया था, जिसके कारण उस समय झारखंड लाना संभव नहीं हो पाया था.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

%d bloggers like this: