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16 साल पहले मोहम्मद कैफ ने आज ही के दिन लॉर्ड्स में किया था कमाल, क्रिकेट को कहा अलविदा

12 साल पहले खेला था इंडिया के लिए आखिरी मैच

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NewDelhi: सोलह बरस पहले आज ही के दिन 13 जुलाई को युवराज सिंह के साथ लॉर्ड्स के मैदान पर शानदार पारी खेलते हुए भारत को सबसे यादगार वनडे जीत दिलाई थी. और आज शुक्रवार को टीम इंडिया के बेहतरीन फील्डरों में शुमार और निचले क्रम के धाकड़ बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने क्रिकेट के तमाम प्रारूपों से संन्यास ले लिया. भारत के लिये आखिरी मैच उन्होंने करीब 12 साल पहले खेला था.

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भावुक संदेश के साथ क्रिकेट को कहा अलविदा

37 वर्षीय कैफ ने अपने ट्विटर पेज पर जज्बाती संदेश लिखकर संन्यास का ऐलान किया. उन्होंने लिखा ,‘‘ 13 जुलाई को यह घोषणा करने का कारण है. हम सभी के पेशेवर जीवन में ऐसा पल आता है जो हमारी पहचान बन जाती है. सोलह बरस पहले 13 जुलाई 2002 को लॉर्ड्स पर हमने वह पल जिया. इसी दिन खेल को अलविदा कहना सही लगा.’’

उन्होंने लिखा,‘‘ 13 जुलाई 2002 सबसे अलग था. वीरू, सचिन पाजी, दादा और राहुल पवेलियन लौट चुके थे और 326 रन असंभव लग रहे थे.’’ कैफ ने आगे लिखा,‘‘ मेरे अपने परिवार ने मैच छोड़कर मूवी लगा दी और बाकी का मैच देखा ही नहीं. मुझे और युवराज को किसी ने नहीं कहा था कि हम हारने वाले हैं और हम जीतने के लिये ही खेले. लॉर्ड्स पर वह जीत बहुत खास थी और उसका हिस्सा बनना यादगार रहा.’’

उन्होंने आगे लिखा,‘‘ क्या मुझे कोई खेद है. हां, अगर ऐसा नहीं होगा तो मतलब मैं इंसान नहीं हूं. काश मैं भारत के लिये लंबे समय तक खेल पाता. काश ऐसी व्यवस्था होती जिसमें 25 बरस के अंतर्मुखी लड़के से कोई पूछता कि वेस्टइंडीज श्रृंखला में नाबाद 148 रन बनाने के बावजूद वह फिर कोई टेस्ट क्यों नहीं खेला.’’  उन्होंने लिखा,‘‘ मलाल याद नहीं रहते क्योंकि भारत के लिये खेलने की यादें इतनी सुनहरी है कि जिंदगी उनके नूर से रोशन रहती है.’’

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बता दें कि 13 जुलाई 2002 को लॉर्ड्स पर इंग्लैंड के खिलाफ नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल में युवराज सिंह के साथ मिलकर कैफ ने छठे विकेट के लिए 121 रनों की पार्टनरशिप की थी और टीम इंडिया को मैच और सीरीज दोनों जिताए थे.

कैफ ने 13 टेस्ट, 125 वनडे खेले थे और उन्हें लॉर्ड्स पर 2002 में नेटवेस्ट ट्राफी फाइनल में 87 रन की मैच जिताने वाली पारी के लिये जाना जाता है. ग्यारह बरस की उम्र में कानपुर के ग्रीनपार्क होस्टल से अपने कैरियर का आगाज करने वाले कैफ विश्व कप 2003 में फाइनल खेलने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थे . युवराज सिंह के साथ वह अंडर 19 क्रिकेट से चमके थे .

उत्तर प्रदेश के लिये रणजी ट्राफी जीतने वाले कैफ ने आखिरी प्रथम श्रेणी मैच छत्तीसगढ़ के लिये खेला था.

सौरव गांगुली की अगुवाई में भारतीय टीम जब भारतीय क्रिकेट के इतिहास के सुनहरे पन्ने लिख रही थी तो युवराज के साथ कैफ उसका अभिन्न अंग थे. कैफ ने 13 टेस्ट में 32 की औसत से 2753 रन बनाये . वहीं 125 वनडे में उनका औसत 32 रहा. कैफ हिन्दी क्रिकेट कमेंटेटर के रूप में कैरियर की दूसरी पारी शुरू कर चुके हैं .

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