न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

दो माह में 16 नक्‍सली मुठभेड़, 15 नक्‍सली ढेर, 59 गिरफ्तार

88

Ranchi : झारखंड में पिछले दो महीने के दौरान पीएलएफआइ, टीपीसी और माओवादी के साथ पुलिस 16 मुठभेड़ हुए. जिसमें विभिन्न नक्सली संगठन के 15 नक्सली मारे गये, वहीं 59 नक्सल गिरफ्तार हुए. संगठनों में शोषण और प्रताड़ना से तंग आकर पिछले 2 महीने के दौरान चार नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष सरेंडर किया. पुलिस और नक्सली संगठनों के बीच सबसे अधिक मुठभेड़ खूंटी जिले में हुआ, जिसमें 6 पीएलएफआइ उग्रवादी मारे गये.

इसे भी पढ़ें : दिल्ली में सुलझी महागठबंधन की गांठ, सभी मुद्दों पर बनी सहमति

सबसे अधिक 10 मारे गये पीएलएफआइ उग्रवादी

पिछले 2 महीने में पीएलएफआइ उग्रवादी संगठन को काफी क्षति उठाना पड़ा है. खूंटी में हुए पुलिस के साथ अलग-अलग मुठभेड़ में पीएलएफआइ के 6 नक्सली मारे गए, तो वहीं गुमला में तीन और रामगढ़ में एक पीएलएफआइ नक्सली मारे गये. हजारीबाग में टीपीसी संगठन के तीन नक्सली मारे, वहीं माओवादी संगठन के एक-एक नक्सली चतरा और दुमका में मारे गये.

इसे भी पढ़ें : पलामू: सीएम पर अपमानजनक टिप्पणी मामले में केएन त्रिपाठी ने सरेंडर कर ली जमानत

संगठन में हो रहे शोषण से तंग आकर चार नक्सलियों ने किया सरेंडर

नक्सली संगठन में हो रहे शोषण और प्रताड़ना से तंग आकर पिछले 2 महीने के दौरान चार नक्सलियों ने सरेंडर किया. रांची में एक लाख के इनामी टीपीसी नक्सली मुकेश महतो, गिरिडीह में 25 लाख का इनामी नक्‍सली बलवीर, चाईबासा में एक लाख का इनामी नक्सली गोइंदा गागराई और एक लाख इनामी नक्सली उसकी पत्नी शांति कंडुलना ने सरेंडर किया.

इसे भी पढ़ें : हज़ारीबागः बहुचर्चित अनु पाठक हत्याकांड में पति विनोद पाठक दोषी करार, 29 को सुनाया जायेगा फैसला

नक्सलियों के विरुद्ध लगातार चलाया जा रहा है सर्च अभियान

चुनाव के दौरान जहां नक्सली संगठन चुनाव कार्य में लगे सुरक्षा बल और पोलिंग पार्टी को नुकसान पहुंचाने की फिराक में हैं, तो वहीं सुरक्षा बलों के द्वारा लगातार सर्च अभियान चला कर विस्फोटक बरामद किया जा रहा है. सुरक्षा व्यवस्था बनाये रखने के लिए झारखंड में जैप, जगुआर, आइटीबीपी आइआरबी और सीआरपीएफ की 600 कंपनियां तैनात की जायेंगी. जिनमें से 200 कंपनी पारा मिलिट्री फोर्स नक्सल प्रभावित बूथ और संवेदनशील इलाकों में तैनात किये जायेंगे.

इसे भी पढ़ें : पलामू: दो युवकों की मौत से सनसनी, पुलिस जांच में जुटी

जंगलों में छुपा कर रखे जा रहे हैं विस्फोटक

नक्सली लोकसभा चुनाव में किसी बड़ी घटना का अंजाम देने के इरादे से विस्फोटक जंगलों में छुपा कर रख रहे हैं. हाल के दिनों में जितने भी विस्फोटक सुरक्षा बल ने बरामद किये हैं, उनमें से ज्यादातर विस्फोटक जंगली क्षेत्र से ही बरामद किये गये हैं. इससे आशंका जताई जा रही है कि माओवादी चुनाव के दौरान सुरक्षा बल के जवान और पोलिंग पार्टी को नुकसान पहुंचा सकते हैं.

इसे भी पढ़ें : लोकसभा चुनाव पूर्व धनबाद पुलिस को मिली कामयाबी,  दो मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़, सरगना सहित छह…

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

hosp22
You might also like
%d bloggers like this: