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पलामू में 15 प्रतिशत बच्‍चों को ही लगा मिजिल्स-रूबेला टीका

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Palamu  :  खसरा के उन्मूलन और रूबेला पर नियंत्रण के लिए पलामू में चलाये जा रहे एमआर टीकारण अभियान की गति धीमी है. अब तक केवल 15 प्रतिशत बच्चों को टीके दिये जा सके हैं. जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रवीण कुमार ने बताया कि 9 माह से 15 वर्ष तक के साढ़े सात लाख बच्चों को इस अभियान के तहत टीका देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. उन्होंने बताया कि टीकाकरण अभियान के पहले दिन पूरे राज्य में पलामू का प्रदर्शन सबसे अच्छा था, लेकिन बाद के दिनों में इसमें थोड़ी गिरावट जरूर आयी है, लेकिन जल्द ही स्थिति में सुधार होगी.

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सरकारी विद्यालय हैं सबसे पीछे, नहीं मिला सहयोग

कुमार ने यह भी कहा कि यह अभियान पांच चरणों में चलना है. इसके अलावा मापअप राउंड भी होगा. उन्होंने बताया कि पहले चरण में सरकारी-गैरसरकारी विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में ही अभियान चल रहे हैं. अमूमन देखा गया है कि किसी टीकाकरण अभियान में निजी विद्यालयों का सहयोग नहीं मिला करता है, लेकिन इस बार इसका उलटा हुआ है. इस अभियान की सफलता में गैर सरकारी विद्यालय ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं, जबकि सरकारी विद्यालय उदासीन हैं. डीपीएम श्री कुमार भी इस बात से इस्तेफाक रखते हैं. उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों का तर्क है कि अभियान की जानकारी पहले से होने के कारण बच्चे निर्धारित तिथि को विद्यालय ही नहीं आते हैं.

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धर्म गुरूओं की बैठक

टीकाकरण अभियान की धीमी गति को देखते हुए स्वास्थ्य महकमा ने पहल तेज कर दी है. इस सिलसिले में बुधवार को 12 बजे दिन में धर्मगुरूओं की बैठक बुलायी गयी है. सिविल सर्जन डा. कलानंद मिश्र ने बताया कि बैठक के दौरान धर्मगुरूओं से लोगों को प्रेरित करने का आग्रह किया जायेगा. इधर, सूत्र बताते हैं कि 13 अगस्त को उपायुक्त अमीत कुमार ने भी इस मसले पर बैठक बुलायी है.

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