न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

पलामू: सरकार के निर्देशों को अंगूठा, नहीं लगायी बॉयोमेट्रिक मशीन, 15 प्रभारी प्रधानाध्यापकों के वेतन पर रोक

1,475

Palamu:  राज्य सरकार ने सभी सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति बॉयोमेट्रिक मशीन से बनाने का आदेश पिछले वर्ष ही जारी किया था. लेकिन पलामू में अब भी कई स्कूलों ने सरकार के आदेश को हाशिये पर कर रखा है. जिले के 15 ऐसे विद्यालय हैं, जहां अब तक बायोमेट्रिक मशीन लगायी ही नहीं गयी है. इस कारण 15 प्रभारी प्रधानाध्यापकों के वेतन पर रोक लगा दी गयी है.

mi banner add

इसे भी पढ़ेंः बिजली ट्रांसमिशन टावर के लिए काटे गये गांव वालों के 300 फलदार वृक्ष, नहीं मिला मुआवजा

इन शिक्षकों के वेतन पर जून माह से रोक

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने एक आदेश जारी कर इन विद्यालयों के प्रभारी प्रधानाध्यापकों के वेतन पर रोक लगा दी है.

आदेश में कहा गया है कि जून माह से अलगे आदेश तक स्तरोन्नत उच्च विद्यालय को प्रभारी प्रधानाध्यापक राम किशोर सिंह, स्तरोन्नत उच्च विद्यालय, नौगड़ा के विनय बिहारी, स्तरोन्नत उच्च विद्यालय, चांदो  के जगरन्नाथ सिंह, स्तरोन्नत उच्च विद्यालय, सलतुआ के अजय कुमार सिंह, स्तरोन्नत उच्च विद्यालय, सिलदिलिया के विमल टोप्पो, स्तरोन्नत उच्च विद्यालय, विश्रामपुर पिठौरा के सुनील उपाध्याय, स्तरोन्नत उच्च विद्यालय, खड़गपुर के कृष्णा ठाकुर, स्तरोन्नत उच्च विद्यालय, कमगारपुर के सूरज कुमार, स्तरोन्नत उच्च विद्यालय, डाली के शिवप्रसाद यादव, स्तरोन्न्त उच्च विद्यालय खजूरी के वीरेन्द्र राम, स्तरोन्नत उच्च विद्यालय, मोहम्मदगंज के उमाशंकर चतुर्वेदी, स्तरोन्नत उच्च विद्यालय, रतनाग के आरिफ हुसैन, स्तरोन्नत उच्च विद्यालय, कंदा के हरिद्वार मेहता, स्तरोन्नत उच्च विद्यालय नौडीहा (पाटन) के राजीव रंजन पांडेय और स्तरोन्नत उच्च विद्यालय, चक के संजय कुमार की वेतन निकासी पर रोक रहेगी.

इसे भी पढ़ेंः राज्य में संघर्ष की तकतों को कमजोर करने की हो रही है सजिश, प्रतिमा के क्षतिग्रस्त होने पर उपवास पर बैठे समाज कर्मी

एक वर्ष पहले जारी हुआ था आदेश

जिला शिक्षा पदाधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष सितम्बर-अक्टूबर आगमन और प्रस्थान में उपस्थिति दर्ज कराने के लिए बॉयोमेट्रिक मशीन लगाने का निर्देश दिया था.

लेकिन शिक्षक निर्देश को दरकिनार कर मैनुअली उपस्थिति दर्ज कराते रहे और उपस्थिति पंजी कार्यालय को भेजते रहे. इन शिक्षकों से एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण भी मांगा है.

इसे भी पढ़ेंः दर्द-ए-पारा शिक्षक : जिस कमरे में रहते हैं उसी में बकरी पालते हैं, उधार इतना है कि घर बनाना तो सपने जैसा

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: