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14वें वित्त आयोग कर्मचारी संघ ने किया भिक्षाटन

  •  संविदा विस्तार तक जारी रहेगा आंदोलन

Ranchi: 14वें वित्त आयोग कर्मचारी संघ ने रविवार को रांची की सड़कों पर भिक्षाटन कार्यक्रम चलाया. संघ से जुड़े तकरीबन 1000 लोगों ने बिरसा चौक पर मानव श्रृंखला बनायी. इसके बाद सभी कर्मचारी भिक्षाटन में लगे.
बिरसा चौक के आसपास की दुकानों, ऑटो और रिक्शा चालकों, फुटपाथ पर दुकान लगाने वालों और राह चलते लोगों से भी भिक्षा मांगी. कर्मचारी संघ ने सबों से उनकी संविदा समाप्त होने और मदद के नाम पर पर भीख देने का आग्रह किया.

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कहा कि अब इस राशि को एकत्रित करके हेमंत के अबुआ सरकार में जमा किया जायेगा. आश्वासन के बावजूद सरकार ने उनके लिये संविदा विस्तार पर कोई फैसला नहीं लिया है. संघ के मुताबिक रविवार की रात भी सभी लोग खुले आसमान में ठंड में सोएंगे.

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3 माह का विस्तार

कर्मचारी संघ के अनुसार सभी जिलों में 14वें वित्त आयोग के शुरुआती वर्षों में (2015 -16) संविदा पर जूनियर इंजानियर और कंप्यूटर ऑपरेटर रखे गये थे. हर प्रखंड में दो जूनियर इंजीनियर और प्रत्येक तीन पंचायत पर एक लेखा लिपिक सह कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति की गयी थी.

14वें वित्त आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर, 2020 को समाप्त हो गया. इसके बाद पंचायतों में राशि शेष रहने के आधार पर जिलों के डीसी को इन कर्मचारियों को अधिकतम 3 माह का संविदा अवधि विस्तार करने को निर्देशित किया गया था.
पिछले 9 महीनों में संघ कर्मियों द्वारा अवधि विस्तार की मांगों को लेकर सीएम, ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम सहित अन्य मंत्रियों और विधायकों को ज्ञापन सौंपा गया था. पर अभी तक सरकार तथा विभाग द्वारा किसी भी प्रकार की सकारात्मक पहल नहीं की गयी है.

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1600 कर्मचारी आये सड़कों पर

संविदा विस्तार होने औऱ दूसरे मसलों को लेकर 17 दिसंबर, 2020 से कर्मी हड़ताल पर हैं. विधानसभा मैदान, रांची में वे लगातार सरकार से अपील कर रहे हैं. संघ के मुताबिक राज्यभर में एकाउंटेंट सह कंप्यूटर ऑपरेटर और जूनियर इंजीनियरों की कुल संख्या 1600 है.

31 दिसंबर, 2020 के बाद से तकरीबन सभी बेरोजगार हो गये हैं. इन कर्मियों से पंचायत स्तर पर होने वाली सभी प्रकार के कार्यों में सेवा ली जाती थी. कोरोना काल में सेवा देने के बावजूद अनेक कर्मियों का भुगतान लंबे समय से नहीं किया गया है.
गुमला जिले के कर्मियों को सालभर से उनका मानदेय नहीं दिया गया है. संघ ने सरकार से सभी कर्मियों का समायोजन पंचायती राज विभाग में करने, बकाए मानदेय का भुगतान करने और मानदेय में बढ़ोत्तरी की मांग की है.

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