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अग्रवाल बंधु हत्याकांड को हुए 141 दिन, भूल गयी रांची पुलिस अब भी दो मुख्य आरोपी हैं फरार

Saurav Singh

Ranchi: अरगोड़ा थाना क्षेत्र के अशोक नगर रोड नंबर एक स्थित साधना न्यूज के कार्यालय में
छह मार्च की शाम हुई दो सगे भाइयों हेमंत और महेंद्र अग्रवाल की हत्या को शायद रांची पुलिस भूल गई. क्योंकि हत्याकांड के 141 दिनों बाद भी इसके मुख्य आरोपी लोकेश चौधरी और एमके सिंह फरार हैं. पुलिस इन्हें गिरफ्तार तो दूर, यह पता भी नहीं कर पाई कि दोनों कहां छिपकर रह रहे हैं.

दोनों भाइयों की हत्या के बाद यह मामला इतना चर्चित हुआ था कि रांची पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए घटना बाले दिन ही तीन-तीन एसआइटी का गठन कर दिया था. लेकिन इसका भी कुछ खास फायदा पुलिस को नहीं मिला क्योंकि हत्याकांड के मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से अबतक बाहर हैं.

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SIT टीम ने कई जगहों पर की थी छापेमारी

अग्रवाल बंधु हत्याकांड के बाद एसएसपी अनीश गुप्ता के निर्देश पर तत्कालीन सिटी एसपी सुजाता वीणापाणि के नेतृत्व में एसआईटी टीम का गठन किया गया था. एसआइटी टीम  ने बिहार, बंगाल और यूपी की कई जगहों पर छापेमारी की थी.

बावजूद इसके दोनों मुख्य आरोपियों का लोकेशन तक पुलिस पता नहीं लगा पायी.पुलिस सिर्फ इनके रिश्तेदारों के घरों तक पहुंच वापस आ गई थी. अब दोनों आरोपी कहां है यह भी पता लगाने की कोशिश पुलिस नहीं कर रही है.

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हत्याकांड में शामिल तीन लोग हैं पुलिस की गिरफ्त में

अग्रवाल बंधु हत्याकांड में शामिल पांच में से तीन लोग ही अभी जेल में हैं. हत्या के दो दिन बाद आठ मार्च को पहले पुलिस ने लोकेश चौधरी के ड्राइवर शंकर को गिरफ्तार किया था. फिर बॉडीगार्ड सुनील सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. जबकि एक अन्य बॉडीगार्ड धर्मेंद्र तिवारी ने कोर्ट में सरेंडर किया था.

दोनों बॉडीगार्ड ने खुलासा किया था कि पैसे को लेकर दोनों भाइयों की हत्या लोकेश चौधरी व एमके सिंह ने की थी. लेकिन रकम कितनी थी आजतक इसका खुलासा नहीं हो सका.

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कुर्की-जब्ती के बाद भी नहीं किया सरेंडर

अग्रवाल ब्रदर्स हत्याकांड में पुलिस लोकेश के दोनों बॉडीगार्ड्स धर्मेंद्र तिवारी, सुनील कुमार और ड्राइवर शंकर को गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेज चुकी है. धर्मेंद्र तिवारी और सुनील को रिमांड पर लेकर पूछताछ भी की गयी थी.

पूछताछ के दौरान दोनों ने हत्याकांड को लेकर कई अहम जानकारियां पुलिस को दी. एमके सिंह और लोकेश चौधरी के गिरफ्तारी नहीं होने के बाद रांची पुलिस ने दोनों आरोपियों के घर पर इश्तेहार चिपकाकर सरेंडर करने का आदेश दिया.

लेकिन दोनों ने सरेंडर नहीं किया, जिसके बाद दोनों के घरों की कुर्की की गयी. इसके बावजूद दोनों ने अबतक न तो कोर्ट में सरेंडर किया और न ही पुलिस के सामने.

जानिए क्या है घटनाक्रम

6 मार्च 2019: अशोक नगर रोड नंबर एक में एक निजी न्यूज चैनल के कार्यालय में शाम के समय अग्रवाल ब्रदर्स की गोली मारकर हत्या.

7 मार्च 2019: अशोक नगर रोड नंबर एक स्थित निजी न्यूज चैनल कार्यालय से अग्रवाल ब्रदर्स का शव बरामद.

11 मार्च 2019 :लोकेश चौधरी के ड्राइवर शंकर को पुलिस ने पटना से किया गिरफ्तार.

14 मार्च 2019: लोकेश चौधरी के बॉडीगार्ड को पुलिस ने बोकारो थर्मल से किया गिरफ्तार.

19 मार्च 2019: एमके सिंह के बॉडीगार्ड धर्मेंद्र तिवारी ने किया कोर्ट में सरेंडर.

24 मार्च 2019: अग्रवाल ब्रदर्स हत्याकांड में शामिल दो आरोपी सुनील सिंह और धर्मेंद्र तिवारी को रांची पुलिस ने चार दिनों के लिए रिमांड पर लिया.

25 मार्च 2019 : लोकेश चौधरी और एमके सिंह के घर पुलिस ने चिपकाया इश्तेहार.

7 अप्रैल 2019 : लोकेश चौधरी और एमके सिंह के घर पुलिस ने की कुर्की जब्ती.

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