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वित्तीय वर्ष 2018-19 के अंतिम दिन सरकारी विभागों ने दी 13425.74 करोड़ की स्वीकृति

Ranchi : झारखंड सरकार की तरफ से वित्तीय वर्ष 2018-19 के अंतिम दिन 13425.74 करोड़ रुपये का स्वीकृत्यादेश जारी किया. वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के प्राथमिक और व्यस्क शिक्षा प्रकल्प के तहत सर्वाधिक 3804.55 करोड़ का डिमांड कोषागार में प्रस्तुत किया गया था.

इसके अलावा पर्यटन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, वित्त विभाग, योजना और वित्त विभाग तथा अन्य शामिल हैं. कुल 13 स्वीकृत्यादेश के जरिये यह राशि कोषागार से निकालने के लिए आवेदन दिया गया.

राज्य सरकार के ऑनलाइन ट्रेजरी प्रबंधन सॉफ्टवेयर के जरिए यह रिपोर्ट जारी की गयी है. इस रिपोर्ट में महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार की तरफ से विभिन्न योजनाओं के ऋण का कर्ज चुकाने के लिए 96.10 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गयी. इसका स्वीकृत्यादेश भी जारी किया गया.

इतना ही नहीं योजनाओं के लिए मिले कर्ज का पुनर्भुगतान करने के लिए 332.73 करोड़ रुपये सैंक्शन किये गये. पर्यटन विभाग की ओर से 4.70 करोड़ रुपये की मांग पर्यटन को बढ़ावा दिये जाने और कला संस्कृति के लिए सैंक्शन किया गया.

ग्रामीण विकास विभाग की तरफ से 9.75 करोड़, योजना और वित्त विभाग की तरफ से 6.59 करोड़ की मांग की गयी.

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विभाग ने खर्च नहीं होनेवाली राशि को सरेंडर करने का किया था आदेश

योजना और वित्त विभाग की तरफ से सभी विभागीय प्रमुखों को निर्देश दिया गया था कि वे खर्च नहीं होनेवाली राशि को 31 मार्च के पहले सरेंडर कर दें.

यह भी कहा गया था कि मार्च लूट से बचने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था के तहत ही विभाग योजनाओं का नाम, योजना का कोड, केंद्र और राज्य सरकार की योजना की व्याख्या कर 31 मार्च से पहले कोषागार में अपना डिमांड नोट भेजें.

बावजूद इसके कई विभागों की तरफ से वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन स्वीकृत्यादेश जारी कर कोषागार में डिमांड नोट भेजे गये.

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