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133 खंभे में 80 से अधिक में तार नंगे, दे रहे मौत को दावत

हरमू रोड में स्ट्रीट लाइट के खंभे दे रहे हैं दुर्घटनाओं को दावत

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NITESH OJHA

Ranchi : मुख्यमंत्री रघुवर दास राजधानीवासियों को बिजली, पानी सहित हर तरह की बुनियादी सुविधाएं देने की बात करते है. ‘सबका साथ सबका विकास’ का नारा देने वाली यही सरकार इसके लिए कई योजनाओं को भी चला रखा है. इसके बावजूद अगर यह कहा जाए कि इसी सरकार को आम जनता के जान की कोई फ्रिक नहीं है, तो कोई गलत नहीं होगा. ऐसा इसलिए कि मुख्य वीआईपी मार्गों में से एक हरमू रोड में लगे स्ट्रीट लाइट के खंभे आज लोगों के लिए मौत का कारण बनते जा रहे हैंं. इसके बावजूद मार्ग का उपयोग करने वाले मुख्यमंत्री, मंत्री या अफसरों को इसकी तनीक भी चिंता नहीं है. नगर विकास विभाग ने इस मार्ग में कई स्ट्रीट लाइटों को लगाया है. इसी स्ट्रीट लाइटें के खंभे दुर्घटनाओं को भी दावत दे रहे हैंं. दुर्घटना का कारण खंभे के नीचे खुले बॉक्स हैं. इन खुले बॉक्स में नंगे तार की चपेट में यदि कोई आ जाए तो करंट उसकी जान ले सकता है. लापरवाही का यह आलम रातू रोड से अरगोड़ा चौक तक लगाये स्ट्रीट लाइटों का है.

130 से अधिक स्ट्रीट लाइटें खंभे, 80 से अधिक के बॉक्स हैं खुले

न्यूज विंग संवाददाता ने रातू रोड से अरगोड़ा तक में लगाये स्ट्रीट लाइटों की गिनती की, तो करीब 130 से अधिक स्ट्रीट लाइटें लगी हुई मिली. इसमें से करीब 80 से अधिक खंभो के नीचे लगे बॉक्स पूरी तरह से खुले हुए हैं. सभी बॉक्स के बाहर तार निकले हुए है. तार को आपस में जोड़ने के लिए बिजली वाले टेप लगाये गये है. बरसात के मौसम में तो सभी टेप पूरी तरह से पानी से गीले हो गये है, ऐसे में सभी तार आज खराब होने की स्थिति में है. इसी खंभो के बीच की जगहों से पार करने पर लोग को जान का खतरा बनता जा रहा है.

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मुख्यमंत्री, मंत्री से लेकर आईएएस अफसर करते हैं सड़क का उपयोग

मालूम हो कि वर्तमान में हरमू रोड राजधानी की एक मुख्य वीआइपी मार्गों में शामिल है. इस मार्ग से रोजाना मुख्यमंत्री, मंत्री, हाईकोर्ट के जज सहित प्रशासनिक स्तर के अधिकारी अपने ऑफिस आते-जाते है. इसके बावजूद किसी की भी इस पर नजर नहीं जाती है कि कैसे यही खंभे के खुले बॉक्स लोगों के लिए जानलेवा बनते जा रहे हैं. सड़क के बीच में लगे अधिकांश खंभों के नीचे बने स्विच बॉक्स खुले हैं. यह स्थिति एकाध दिन या महीने से नहीं, बल्कि गत एक वर्षों से कायम है.

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कट बंद होने के बाद बनी है ऐसी स्थिति

वर्तमान में रातू रोड से अरगोड़ा चौक के बीच गौशाला, किशोरगंज का इलाका काफी घनी आबादी वाली क्षेत्र है. इतने व्यस्त मार्गों में आज सड़क पार करने के लिए कटों की संख्य़ा काफी कम हो गयी है. मालूम हो कि रोजाना इस मार्ग में जाम की स्थिति बचने के लिए गत वर्ष नवंबर माह में आनन-फानन में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आदेश दिया था कि कई कट को बंद कर दिया जाए. इसके बाद प्रशासन ने रातू रोड से बिरसा चौक तक के कई कट को बंद कर दिया था. आदेश का उस समय कई लोगों ने विरोध भी किया था. इसके बाद से ही लोग स्ट्रीट लाइटों के खम्भे के बीच के जगहों का उपयोग आने-जाने के लिए कर रहे है. हरमू रोड स्थित विशाल मेगामार्ट के पास कोचिंग संस्थान में पढ़ने वाले बच्चे या आम राहगीर इसी खंभे के बीच से निकलने का उपयोग करते है.

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इलाके में रहने वाले कई लोगों का कहना है कि इस सड़क पर पैदल यात्रियों के लिए कोई विशेष सुविधा नहीं हैं. ऐसे में लोग डिवाइडर से कूदकर सड़क पार करते हैं। समस्या यह है कि ये खंभे डिवाइडर के बीच में ही लगाये है. ऐसे में कई बार लोग डिवाइडर कूदने के दौरान इन खुले बॉक्स से निकले नंगे तार की चपेट में आने से बाल बाल बचते हैं. सबसे बुरा हाल तो विशाल मेगामार्ट से लेकर मारवाड़ी भवन के आसपास नजर आता है. यहां कतार से करीब दो दर्जन ऐसे खंभे नजर आते हैं जिनके बॉक्स पूरी तरह खुले हैं. यह वो जगह है जहां सर्वाधिक तादाद में लोग डिवाइडर से कूदकर छलांग लगा सड़क पार करते हैं.

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झुके खंभे देते है दुर्घटनाओं को बढ़ावा

इसी तरह अरगोड़ा चौक के पास स्ट्रीट लाइट का खंभा जानलेवा बन गया है. किसी वाहन की टक्कर से यह पोल आज झुक गया है जिससे वाहनों के टकराने आशंका रहती है. इलाकों के आसपास के दुकानदारों का कहना है कि कई बार इसकी मरम्मत करने को लेकर संबंधित नगर विकास विभाग में शिकायत भी की गयी, लेकिन अबतक इसपर कोई कार्रवाई नहीं की गयी है.

स्ट्रीट लाइट के नीचे खुले बॉक्स की स्थिति की जानकारी जब नगर विकास मंत्री से ली गयी, तो उनका कहना था कि मामले की जानकारी उन्हें भी है. जल्द ही इसपर कार्रवाई कर खुले बॉक्स को बंद किया जाएगा, ताकि लोगों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो :  सीपी सिंह

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