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राज्य में 13 नये एकलव्य विद्यालय में इस साल से होगी पढ़ाई, नामांकन परीक्षा का परिणाम जारी

Ranchi : राज्य में पहले से चल रहे सात एकलव्य और आवासीय विद्यालय के साथ-साथ 13 नये शुरू किये गये स्कूलों में इसी साल से पढ़ाई करायी जायेगी. इसके लिए नामांकन परीक्षा ली गयी थी. इस नामांकन परीक्षा का परिणाम मंगलवार को जारी किया गया. एडमिशन टेस्ट का परिणाम कल्याण मंत्री चंपई सोरेन ने जारी किया.

अपने आवास पर रिजल्ट जारी करते हुए मंत्री चंपई सोरेन कहा कि बिना शिक्षा के विकास नहीं हो सकता है. झारखंड खनिज, पहाड़, जंगल से भरा राज्य है. यहां के हर परिवार के बच्चे को अच्छी शिक्षा प्राप्त हो सके, इसके लिए विभाग संकल्पित है. उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय, अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के सुदूर ग्रामीण इलाकों में रहनेवाले परिवारों के बच्चों को अच्छी शिक्षा प्राप्त हो सके इसे ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा राज्य में पहले से चल रहे 7 एकलव्य विद्यालयों के अलावा इस वर्ष से 13 नये एकलव्य विद्यालय खोले गये हैं. जहां इसी सत्र से पढ़ाई करायी जायेगी.

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एडमिशन के लिए स्कूल करेगा कॉल

उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा 143 आवासीय विद्यालय चलाये जा रहे हैं. इन विद्यालयों में से 81 विद्यालयों की कक्षा 6, 7 एवं 8 की कुल 4500 सीटों में एडमिशन के लिए परीक्षा ली गयी. जिसमें 85,525 विद्यार्थियों ने भाग लिया. इस प्रतियोगिता परीक्षा में उत्तीर्ण विद्यार्थी जिला कल्याण कार्यालय से अपना परिणाम प्राप्त कर सकते हैं. जिन विद्यार्थियों का जिस विद्यालय में चयन किया गया है उन्हें विद्यालय द्वारा कॉल कर नामांकन के लिए कहा जायेगा.

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आवासीय विद्यालय के स्टूडेंट्स ने नाम किया रोशन

मंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि इस प्रतियोगिता परीक्षा में जनजातीय समुदाय, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के सुदूर ग्रामीण इलाकों में रहनेवाले परिवारों के बच्चों को प्राथमिकता दी गयी है. जिससे उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो सके. उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा राज्य में शिक्षा और आवासीय व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है.  राज्य के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग को अच्छी शिक्षा देने के लिए विभाग संकल्पित है. उन्होंने कहा कि बहुत सारी प्रतियोगिता परीक्षाओं में आवासीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने राज्य का नाम रोशन किया है. माध्यमिक परीक्षा 2018-19 में 1906 छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे, जिसमें 90 फीसदी छात्र-छात्राओं ने परीक्षा में सफलता प्राप्त की. इस 90 फीसदी में से 70 फीसदी ने प्रथम श्रेणी से परीक्षा पास की. वहीं 30 फीसदी से अधिक छात्र-छात्राओं ने 75 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त किया. 22 आवासीय विद्यालयों की उत्तीर्णता दर 100 फीसदी रही है.

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