न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

हिंदी को यूएन की भाषा बनाने के लिए 129 देशों का समर्थन जुटाना कठिन नहीं : सुषमा  

हिंदी को संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषा बनाने के लिए 129 देशों का समर्थन जुटाना  कठिन काम नहीं है.

332

Port Louis : हिंदी को संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषा बनाने के लिए 129 देशों का समर्थन जुटाना  कठिन काम नहीं है. विदेशों में हिंदी भाषा को बचाने की जिम्मेदारी भारत ने ली है. यह बात विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कही.  वे रविवार को पोर्ट लुई ( मॉरिशस) मेंं 11वें विश्व हिंदी सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में बोल रही थीं. इस क्रम में कहा कि संयुक्त राष्ट्र से हिंदी में सप्ताहिक समाचार बुलेटिन का प्रसारण शुरू किया गया है. यह प्रतिदिन भी प्रसारित हो सकता है. प्रतिक्रिया अच्छी रहेगी,  तब इसका दैनिक प्रसारण भी हो सकता है. साथ ही कहा कि हम हिंदी भाषी लोगों की जिम्मेदारी है कि इसे बढ़ावा दें.

अभी यह हिंदी समाचार बुलेटिन प्रत्येक शुक्रवार को प्रसारित हो रहा है. विदेश मंत्री ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र में हिंदी का ट्विटर अकाउंट खोला गया है. इसके वेबसाइट पर प्रमुख दस्तावेज हिंदी में डाल दिये गये हैं. जानकारी दी कि विश्व हिंदी सचिवालय का स्थायी भवन का  उद्घाटन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद कर चुके हैं. इसमें एक स्थायी अधिकारी नियुक्त कर दिया गया है.

इसे भी पढ़ें- मणिशंकर अय्यर की कांग्रेस में वापसी, राहुल गांधी ने निलंबन रद्द किया

भाषा और संस्कृति एक-दूसरे से जुड़ी हैं

विदेश मंत्री ने कहा कि भाषा और संस्कृति एक-दूसरे से जुड़ी हैं.  जब भाषा लुप्त होने लगती है तब संस्कृति के लोप होने का बीज उसी समय रख दिया जाता है. उन्होंने कहा कि जरूरत है कि भाषा को बचाया जाये. भाषा की शुद्धता को बचाये रखा जाये. हिंदी भाषा को बचाने, बढ़ाने और उसके संवर्द्धन के बारे में कई देशों में चिंताएं सामने आयीं.. ऐसे में इन देशों में लुप्त हो रही इस भाषा को बचाने की जिम्मेदारी भारत की है. उन्होंने कहा कि इस बार विश्व हिन्दी सम्मेलन का शुभंकर मोर के साथ डोडो है. पिछली बार मोर था, इस बार इसमें डोडो को भी जोड़ दिया गया है.

इसे भी पढ़ें- केरल : युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी,  82 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाये गये

हमने 177 देशों का समर्थन योग दिवस को मान्यता दिलाने में जुटाया

palamu_12

डोडो (विदेशों में) लुप्त होती हिंदी का प्रतीक है. भारत का मोर आयेगा और उसे बचायेगा. संरा में हिंदी को आधिकारिक भाषा की मान्यता दिलाने पर कहा कि संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता प्रदान करने के लिए प्रस्ताव को दो तिहाई बहुमत से पारित करने के साथ समर्थन करने वाले सभी सदस्य देशों को इस पर होने वाले खर्च के लिए अंशदान करना होता है. कहा कि हिंदी को आधिकारिक भाषा का दर्जा दिलाने के संदर्भ में संयुक्त राष्ट्र में 129 देशों का समर्थन जुटाना कठिन काम नहीं है. हमने 177 देशों का समर्थन योग दिवस को मान्यता दिलाने में जुटाया है.

विदेश मंत्री ने कहा कि मैंने संसद में भी कहा था कि 40 करोड़ रुपये तो क्या 400 करोड़  रुपये खर्च आयेगा, तो देने को तैयार हैं. लेकिन संयुक्त राष्ट्र का नियम है कि समर्थन करने वाले देशों को ही व्यय बांटना होता है.

 इसे भी पढ़ें- मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए हिंदी में आवेदन नहीं लेता RMC, यह राष्ट्रभाषा का अपमान है, हिंदी में भी लें…

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

%d bloggers like this: