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124 वर्ष पुरानी धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन पर फिर से सरपट भागेगी ट्रेन, लगी अंतिम मुहर

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Dhanbad :  कोयलांचल के लिए “श्राप” बन चुकी भूमिगत आग का हवाला देकर खान सुरक्षा के मानकों को निर्धारित करने वाली देश की सबसे बड़ी  संसथान डीजीएमएस ने धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन पर रेल परिचालन को खतरा बताकर इसे बंद करने का फरमान जारी कर दिया था. जिसे आधार मानकर धनबाद रेल मंडल ने इस रूट पर रेल का परिचालन  15 जून 2017 से बंद कर दिया था. इस रेलखंड पर वर्ष 1894 में पहली बार ट्रेनाें का परिचालन शुरू हुआ था, जो 124  वर्ष के बाद 15 जून को 2017 को इस रुट पर रेल के परिचालन नहीं होने से लाखों यात्रियों को जहां आवागमन में परेशानी हुई, बल्कि रेलवे को भी अरबों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा.

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15 जून 2017 से पूरी तरह यात्री ट्रेनों का परिचालन है बंद 

धनबाद चंद्रपुरा रेलखंड पर 20 मई 1894 को कतरास से धनबाद होते हुए बराकर तक पहली ट्रेन चली थी. 124 वर्ष पुरानी इस रेलखंड पर 15 जून से पूरी तरह यात्री  ट्रेनों का परिचालन बंद है, जबकि 5  फरवरी 2019 से मालगाड़ियों का परिचालन शुरू की गयी. 34 किलोमीटर लंबी रेल लाइन में से 14 किलोमीटर का हिस्सा अग्नि प्रभावित क्षेत्र से गुजरने की बात कही गयी है. धनबाद से चंद्रपुरा के बीच एक दर्जन से अधिक छोटे-बड़े स्टेशन हैं. वहीं 9 साइडिंग से रेलवे रैक में कोयले की लदायी होती थी. इस रूट से प्रतिदिन कम से कम 10 जोड़ी मालगाड़ी से देश के विभिन्न राज्यों के थर्मल पावर स्टेशनों में कोयले की आपूर्ति नहीं होने से वीरान हो गयी थी. फिर से  गुलजार होने जा रही है. इस  रूट के  बंद हो जाने से हजारों की संख्या में छोटे-छोटे व्यापर करने वालों के सामने अचानक भुखमरी की स्थिति आ गई थी. अब उन छोटे व्यपारियों के चेहरे पर एक बार फिर मुस्कान देखे जाने लगी है.

रेल परिचालन पूरी तरह सुरक्षित

रेलवे  के चीफ कमिश्नर ऑफ रेल सेफ्टी (सीसीआरएस) शैलेश पाठक की धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन का 23  जनवरी 2019 को  निरीक्षण करने के बाद जो परिणाम आये वो बेहद ही चौकाने वाले थे. मीडिया को जानकारी देते हुए शैलेश पाठक ने बहुत ही सरल भाषा में समझाया था कि इस रूट पर रेल परिचालन पूरी तरह सुरक्षित है, क्योंकि किसी भी क्षेत्र में रेल के परिचालन कुल 12  मीटर चौड़ाई, जो पटरियों दाहिने और बाएं का क्षेत्र  होता है, अगर यह एरिया सुरक्षित है तो उस मार्ग पर रेल का परिचालन सुरक्षित है. ठीक यही नियम इस रूट पर भी लागू होता है. तो किस आधार पर इस रूट पर रेल का परिचालन बंद कर दिया गया.

डीआरएम ने ट्राली से धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन का किया निरीक्षण

रेलवे के चीफ कमिश्नर ऑफ रेल सेफ्टी शैलेश पाठक कि रिपोर्ट के आधार पर एक बार फिर से इस रूट पर रेल का परिचालन शुरू करने की कवायद अंतिम चरण में है.आज धनबाद रेल मंडल के डीआरएम एके  मिश्रा ने ट्राली से धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन का निरीक्षण किया. जिसके बाद मिडिया को जानकारी दी. 24 फ़रवरी 2019 को इस रुट पर रेल परिचालन विधिवत शुरू हो जायेगी. जिसके लिए एक भव्य कार्यकर्म भी धनबाद  रेल मंडल द्वारा कतरास स्टेशन पर आयोजित की जायेगी. जिसमें धनबाद सांसद पीएन सिंह, गिरिडीह सांसद रविंद्र पांडेय समेत कई जन प्रतिनिधि भी शामिल होंगे.

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