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कुछ बड़े स्कूलों के लिए कमाई का जरिया बन गया है 11वीं में एडमिशन

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  • डीपीएस ने एडमिशन फॉर्म बेचकर कमाए 72 लाख से अधिक
  • जेवीएम श्यामली में ब्रोशर की बिक्री से मिले 75 लाख से अधिक
  • कई स्कूलों में नामांकन की प्रक्रिया शुरू
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Ranchi : राजधानी के निजी स्कूलों में 11वीं में दाखिला कमाई का जरिया बन गया है. कुछ तथाकथित बड़े स्कूल सिर्फ एडमिशन फॉर्म बेचकर ही लाखों की कमायी कर रहे हैं. उदाहरण के तौर पर डीपीएस में एडमिशन की होड़ में 45 सौ से अधिक बाहरी स्टूडेंट्स के अभिभावकों ने ऑनलाइन फॉर्म भरे. चार अप्रैल को आउटसाइडर स्टूडेंट्स की परीक्षा भी ली गयी. इससे डीपीएस प्रबंधन को 72 लाख रुपये से अधिक मिले.

जेवीएम श्यामली में पांच हजार के आसपास बाहरी छात्रों ने एडमिशन के लिए अपना फार्म भरा. इसमें अभिभावकों से ऑनलाइन आधार पर 15 सौ रुपये लिये गये. श्यामली प्रबंधन को इससे 75 लाख रुपये मिले. ये दो बड़े स्कूलों की बाते हैं.

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इनके अलावा कैराली स्कूल में 15 अप्रैल तक फार्म भरने की आखिरी तारीख है. एडमिशन टेस्ट का शुल्क एक हजार रुपये रखा गया है. इसी प्रकार फिरायालाल पब्लिक स्कूल, विवेकानंद विद्या मंदिर में भी एडमिशन टेस्ट की तारीखें घोषित कर दी गयी है.

बड़े स्कूलों में 11वीं में विज्ञान, कामर्स और कला में एडमिशन लिया जाता है. कुछ बड़े स्कूलों ने अपने फार्म में यह भी लिखा है कि 95 प्रतिशत अंक लानेवालों का सीधा दाखिला लिया जायेगा. फिर भी एडमिशन टेस्ट लिया जा रहा है. इसमें सीटों की संख्या की कोई जानकारी नहीं दी जाती है.

डीपीएस में 276 बच्चों (आउटसाइडर्स) की लिस्ट निकाली गयी. स्कूल के अपने 150 बच्चों (इंटरनल स्टूडेंट्स) का चयन भी लिखित परीक्षा के आधार पर किया गया है. डीएवी समूह के स्कूलों में अभी 11वीं में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू नहीं की गयी है.

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रांची से 17 हजार से अधिक छात्र देते हैं CBSE और ICSE बोर्ड की परीक्षा

राजधानी रांची में सीबीएसई और आइसीएसई बोर्ड से दसवीं की परीक्षा में 17 हजार से अधिक छात्र शामिल होते हैं. सीबीएसई से संबद्ध दो दर्जन स्कूलों में ही 11वीं और 12वीं की पढ़ाई होती है. जबकि आइसीएसई बोर्ड में संत जेवियर्स, लोरेटो कान्वेंट, बिशप ग्रुप के स्कूलों में ही 11वीं और 12वीं की पढ़ाई होती है.

अमूमन एक स्कूल में आठ-आठ सेक्शन 11वीं में चलाए जाते हैं. आइसीएसई बोर्ड में दो से पांच तक ही 11वीं के सेक्शन संचालित होते हैं. जेवीएम श्यामली में मॉर्निंग और आफ्टरनून बैच में 11वीं के दो सत्र चलाए जाते हैं. वैसे राजधानी रांची ही नहीं झारखंड के सभी लोग बड़े स्कूलों में ही अपने बच्चों का दाखिला कराने को ललायित रहते हैं.

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मई अंतिम और जून पहले सप्ताह में निकलेंगे 10वीं के नतीजे

सीबीएसई स्कूलों के लिए 10वीं बोर्ड का नतीजा मई के अंतिम सप्ताह में संभावित है. इसी तरह आइसीएसई की दसवीं बोर्ड के नतीजे जून के पहले सप्ताह में निकलेंगे. पर एडमिशन की आपाधापी में अभी से अभिभावक परेशान होने लगे हैं.

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