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10 जुलाई 2022 तक शाह ब्रदर्स के करमपदा आयरन ओर माइंस को मिला है खदान

झारखंड के राज्यसभा चुनाव के दौरान जब्त राशि के दौरान सामने आया था शाह ब्रदर्स का नाम, चाईबासा की हैं जानी-पहचानी शख्सियत, कई राजनेताओं और अधिकारियों से हैं बेहतर संबंध

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Deepak

Ranchi: हाल में शाह ब्रदर्स का मामला सुर्खियों में छाया रहा है. अक्तूबर के बाद से लगातार शाह ब्रदर्स का मामला उछलता रहा है. शाह ब्रदर्स करमपदा आयरन ओर माइंस के संचालकों में से हैं. इनके पार्टनर हैं राज कुमार शाह. चाईबासा सदर में इनका मुख्यालय है. वहीं जमशेदपुर के सर्किट हाउस क्षेत्र में भी इनकी संपत्ति है. चाईबासा से लौह अयस्क का सारा कारोबार होता है.

नोवामुंडी के करमपदा में 578.189 एकड़ वन भूमि में इन्हें लौह अयस्क खदान आवंटित किया गया है, जो 10 जुलाई 2022 तक के लिए वैध है. इनकी कंपनी पर सरकार को 13 सौ करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान करने का आरोप है. झारखंड हाईकोर्ट में राजस्व से संबंधित एक मामला भी विचाराधीन है. इतना ही नहीं, झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ अजय कुमार और पंकज कुमार यादव की ओर से भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में खनन घोटाले को लेकर शिकायत भी दर्ज की गयी है. शाह ब्रदर्स के पार्टनर उद्योगपति राजकुमार अग्रवाल के रिश्तेदार भी हैं. राज कुमार अग्रवाल ने बतौर निर्दलीय प्रत्याशी राज्यसभा का चुनाव लड़ा था. मतदान के दिन इनकी गाड़ियों से आयकर विभाग के अधिकारियों ने चार करोड़ रुपये से अधिक की नकदी रांची में जब्त की थी. यह मामला भी न्यायालय में विचाराधीन है.

करमपदा में मिला है माइंस

शाह ब्रदर्स को मिला माइंस

करमपदा आयरन ओर माइंस के लिए 24.85 हेक्टेयर भूमि पर खनन करने की अनुमति आरके शाह को मिली हुई है. इसके लिए 3.1.2005 को केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्रालय के सहायक इंस्पेक्टर जनरल पंकज अस्थाना द्वारा स्टेज-1 क्लीयरेंस दिया गया था. इसके बाद 19.5.2005 को स्टेज-2 क्लीयरेंस भी केंद्र सरकार की ओर से दिया गया है. राज्य सरकार की तरफ से खनन के लिए अनुमति 8.12.2015 को दी गयी थी, क्योंकि इंडियन ब्यूरो ऑफ माइंस कोलकाता ने 8.12.2015 को शाह ब्रदर्स के माइनिंग प्लान को अनुमोदित किया था. इसकी वैधता अगले वर्ष 31 मार्च तक ही है. राज्य सरकार की ओर से 1973 और 1978 में खनन क्षेत्र पर सरफेस राइट का अधिकार शाह ब्रदर्स को दिया गया था.

कई अधिकारियों और राजनेताओं तक है पहुंच

शाह ब्रदर्स चाईबासा में रुंगटा माइंस लिमिटेड और एनके पीके, साव ब्रदर्स और अन्य माइंस ऑनर्स की तरफ काफी प्रचलित कंपनी हैं. फिलहाल इनका खदान ही निजी आयरन ओर माइंस के रूप में संचालित है. सरकार में खान एवं भूतत्व विभाग, प्रोजेक्ट भवन मंत्रालय, उद्योग विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शाह ब्रदर्स के संचालकों की पहुंच है. इतना ही नहीं राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के राजनेताओं से भी इनके संबंध बेहतर बताये जाते हैं.

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