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आयुष्मान भारत में 100 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप, सीबीआइ से जांच के लिए पीआइएल दायर

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Vineet Upadhyay

Ranchi : केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत को सूचना अधिकार कार्यकर्ता पंकज यादव और झारखंड हाइकोर्ट के अधिवक्ता राजीव कुमार सवालों के घेरे में ले आये हैं. आरटीआइ एक्टिविस्ट पंकज यादव ने झारखंड हाइकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने अदालत से मांग की है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत झारखंड में अस्पतालों के सूचीबद्ध किये जाने और सूची से निकालने की पूरी प्रकिया की जांच सीबीआइ से करायी जाये और जिन अधिकारियों की संलिप्तता इस घोटाले में है उनकी संपत्ति की जांच ईडी से करायी जाये.

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किसी भी अस्पताल की ऑडिट नहीं की गयी

प्रार्थी के अधिवक्ता राजीव कुमार के मुताबिक सूचीबद्ध किये गये अस्पतालों में वैसे कई अस्पताल हैं जिनके खिलाफ शोकॉज किया गया, उसमें क्या कार्रवाई हुई इसकी रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक नहीं की गयी, न ही झारखंड के किसी अस्पताल की ऑडिट की गयी.

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नियमों को ताक पर रख कर हुआ भुगतान

प्रार्थी पंकज यादव ने झारखंड में चल रही केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के संचालन पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि अब तक इस योजना के जरिए लगभग 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला हुआ है और यह घोटाला निजी अस्पतालों, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और आयुष्मान भारत योजना के झारखंड एडिशनल एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर अभिषेक श्रीवास्तव की मिलीभगत से हुआ है. इसके पीछे उन्होंने यह तर्क दिया है  कि अस्पतालों को आयुष्मान भारत योजना में सूचीबद्ध करने और सूची से बाहर करने के लिए अधिकारियों के द्वारा मोटी रकम की उगाही की जाती थी. नेशनल इंश्योरेंस कम्पनी ने सभी नियमों को ताक पर रखते हुए फंड का दुरुपयोग किया और मनचाहे अस्पतालों को करोड़ों रुपये का भुगतान नियमों के विरुद्ध जाकर किया.

ज्ञात हो कि आयुष्मान भारत योजना में हो रही गड़बड़ियों पर न्यूज़ विंग ने कुछ दिनों पूर्व प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी.

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