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10 हजार 370 जनप्रतिनिधियों को न्यूनतम  200 रुपये मिलने वाला मानदेय भी 2017 से रुका

साल के अंत में दी जाती है जनप्रतिनिधियों को ये राशि

Ranchi :  राज्य के जनप्रतिनिधियों को मिलने वाला मानदेय पिछले तीन साल से रुका है. ये त्री स्तरीय चुनाव मे जनता के चुने जनप्रतिनिधि हैं. जिनकी संख्या राज्य में लगभग 10 हजार 370 है. साल 2017 से इन जनप्रतिनिधियों का मानदेय रुका है.

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जानकारी मिली है कि पिछले कार्यकाल मे भी तीन साल का मानदेय नहीं दिया गया था. वहीं इस कार्यकाल में भी तीन महीने से मानदेय रुका है.  मानदेय के अनुसार देखें तो सबसे कम वार्ड सदस्यों को दो सौ रुपये मिलता है. जिनकी संख्या राज्य में 5423 है.

वहीं उप मुखिया को पांच सौ रुपये, पंचायत समिति सदस्य को 750 रुपये और मुखिया को एक हजार दिया जाता है. मुखिया और उप मुखिया की कुल संख्या 8804 है. ऐसे में कुल पंचायत जनप्रतिनिधियों की संख्या दस हजार 370 है.बता दें इस साल राज्य में त्री स्तरीय चुनाव होना था. लेकिन कोरोना महामारी के कारण चुनाव नहीं हो सका .

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चार से छह महीने में मिलता था मानदेय

पंचायत संघ के महासचिव अनुप कुमार ने बताया कि पहले तीन से चार महीने में एकमुश्त मानदेय मिलता था. लेकिन पिछले तीन साल ये रुका है. कभी-कभी ये साल मे एक बार भी मिलता था. पिछले तीन साल से मानदेय रुकने से जनप्रतिनिधियों की समस्या बढ़ गयी है. उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि जनप्रतिनिधियों का बकाया जल्द से जल्द दिया जायें. पंचायत जनप्रतिनिधियों को ब्लॉक स्तर से मानदेय दिया जाता है. राशि कम होने के बाद भी नहीं दी जा रही है.

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अगले साल चुनाव की संभावना

इस साल पंचायत चुनाव होने थे. लेकिन कोरोना महामारी के मद्देनजर चुनाव अगले साल होने की संभावना है. ऐसे मे जनप्रतिनिधियों को आशंका है कि कार्यकाल समाप्त होने के पहले मानदेय भुगतान किया जाये. 2015 मे पिछले बार चुनाव हुआ था. जिसका कार्यकाल दिसंबर में साप्त हो जायेगा. फिलहाल चुनाव आयोग की ओर से जिलों का परिसीमन किया जा रहा है.

24 जिलों के 263 प्रखंडों में चुनाव होने है. फिलहाल निर्वाचन आयोग में आयुक्त पद खाली है. आयुक्त आने के बाद ही चुनाव होगा.

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