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1 अप्रैल से ST समुदाय के घरों पर सीलबंद पैकेट में अनाज – CM

रांची: मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि सरकार 01 अप्रैल से जनजातियों के घर में सील बंद पैकेट में खाद्यान पहुंचायेगी। यह घोषणा उन्होंने शनिवार को बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में द्वीतिय आदिम जनजाति महासम्मेलन 2017 को संबोधित करते हुए की। उन्हें कहा कि जनजातियों को राज्य सरकार एवं जिला स्तरीय सभी विभागों में 02 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। आदिम जनजाति बटालियन में पहली बार 956 आदिम जनजाति परिवार के बच्चों को नियुक्ति पत्र दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिम जनजाति की योजनाओं का प्रभावी रूप से क्रियानवयन एवं मूल्यांकन हो इसके लिए आदिम जनजाति विकास प्राधिकार का गठन कर इसमें आदिम जनजाति के सदस्यों को जगह दी जा रही है। सभी जनजाति के लोगों को सरकार की सभी योजनाओं का लाभ मिले इसके लिए कतिपय तकनीकी अड़चनों को दूर कर जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार को प्रस्ताव भी भेजा गया है, इस संबंध में केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव से वार्ता भी हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिम जनजाति झारखण्ड की प्राचीनतम जनजाति है। वे विकास की मुख्य धारा में शामिल हों इसके लिए सरकार सभी आवश्यक कार्रवाई कर रही है। खेती, बागवानी एवं पशुपालन तीनों सेक्टर में उत्पादक्ता बढ़े इसके लिए उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। उत्पादक्ता बढ़ाने के लिए कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक, प्राध्यापक एवं छात्र मिलकर कार्य कर रहें हैं। प्रधानमंत्री की सोच के अनुरूप इनकी आय को दोगुणा करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आपको दिए जाने वाले घर में 2 बेड़रूम 1 किचन एवं 1 बरामदा भी होगा। उज्जवला योजना के तहत एक गैस चुल्हा भी दिया जाएगा। गांव के सब्जी उत्पादकों को सही मूल्य मिल सके इसके लिए फुड प्रोसेसिंग पलांट लगाया जा रहा है। मोमेनटम झारखण्ड कार्यक्रम के अवसर पर फुड प्रोसेसिंग प्लान्ट लगाने हेतु कई एम.ओ.य़ु. भी किए गए हैं। गरीबी को समाप्त करने के लिए कृषि के साथ-साथ उद्योग का विकास भी जरूरी है। इससे काफी रोजगार मिलेगा। देश का 62 प्रतिशत लाह एवं 60 प्रतिशत कोकुन झारखण्ड में होता है। लेकिन इससे जुडे ग्रामीणों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता है। इसके लिए अलग से बोर्ड गठण किया गया है। गांव में उद्यमी सखी मंडल एवं नवयुवक मंडल होंगे। इस कार्य को व्यवसायिक तरिके से किया जाएगा ताकि उनको अधिक से अधिक लाभ मिल सके।
श्री दास ने कहा कि झारखण्ड की जनता को मैं ईश्वर का दूसरा रूप मानता हूं। उनकी सेवा करना ही मेरा एक धर्म है। उनके सहयोग से ही हम यहां ग्लोबल इंवेस्टर समिट को सफलता से सम्पन्न कर पाएं। निवेशकों के दिलों पर झारखण्ड की जनता नें गौरवशालि आतिथ्य परंपरा एवं मान सम्मान की अमिट छाप छोडी है। आने वाले दिनों में पर्यटन के क्षेत्र में भी काफी निवेश होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड का हर बच्चा शिक्षित होगा एवं हुनरमंद होगा। डिगरी के साथ हुनर की भी आवश्यक्ता है ताकि वे अपनी प्रतिभा के बल पर कहीं भी रोजगार प्राप्त कर सकें।
इस अवसर पर कल्याण मंत्री ड़ॉ लुईस मरांडी, प्रधान सचिव निधि खरे, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति ड़ॉ पी. कौशल, ट्राईफेड के ड़ॉ सुनील कुमार मालाकार, राष्ट्रीय अनुसुचित जनजातीय आयोग के सूरज कुमार, राजेन्द्र अगरिया, राज्य के विभिन्न क्षेत्र से आए विभिन्न आदिम जनजाति के लोग उपस्थित थे।
(आईपीआरडी)

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