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हम कांग्रेस के पिट्ठू नहीं हैं : इरा भास्कर

।। राधिका भिरानी ।।

नई दिल्ली : केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) से इस्तीफा देने वाले 10 सदस्यों में से एक इरा भास्कर का कहना है कि वे लोग ‘कांग्रेस के पिट्ठू’ नहीं हैं और कभी ‘बेबात बगावत’ नहीं करते हैं।

लीला सैमसन द्वारा सीबीएफसी के अध्यक्ष पद से इस्तीफे देने के बाद इसके 10 अन्य सदस्यों ने भी इस्तीफा दे दिया। इरा इन 10 सदस्यों में से एक हैं।

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इरा ने इस्तीफे की वजह स्पष्ट करते हुए कहा कि बोर्ड ने दिसंबर 2013 को तत्कालीन सूचना एवं प्रसारण मंत्री को उन दिक्कतों एवं बाधाओं के बारे में बताया था, जो लक्ष्य प्राप्ति में रोड़े अटका रहे थे।

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उल्लेखनीय है कि वित्त और सूचना एवं प्रसारण मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को एक फेसबुक पोस्ट के जरिए बोर्ड की पूर्व अध्यक्ष लीला और अन्य पूर्व सदस्यों द्वारा सरकार पर लगाए गए हस्तक्षेप व बोर्ड में व्याप्त भ्रष्टाचार के आरोप खारिज किए।

जेटली ने यहां तक कहा कि वे सभी (पूर्व सीबीएफसी कर्मचारी) ‘संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की नियुक्ति’ हैं और अगर कोई भ्रष्टाचार है, तो उसके जिम्मेदार वे स्वयं हैं।

इरा का कहना है कि उनके लिए यह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) या कांग्रेस का मसला नहीं है।

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में सिनेमा स्टडीज की प्रोफेसर इरा ने कहा, “यह राजनीतिक पार्टी, नौकरशाहों या मंत्रियों की बात नहीं है। यह सीबीएफसी के मिजाज, फिल्म प्रमाणन की प्रक्रिया और सामाजिक हित का भी मसला है।”

इरा ने एक साक्षात्कार में आईएएनएस को बताया, “हम कांग्रेस के पिट्ठू नहीं हैं। हम सबने इस्तीफा दिया है। हम शिक्षाविद्, पेशेवर और फिल्म समीक्षक हैं। हम फिल्म प्रमाणन की प्रक्रिया को पारदर्शी व सुलभ प्रक्रिया बनाने के लिए किए गए हमारे प्रयासों पर मंत्रालय का ध्यान खींचने की कोशिश कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “इससे न केवल फिल्मोद्योग को, बल्कि इसमें शामिल सभी साझेदारों को भी मदद मिलेगी..इस मामले का भाजपा या कांग्रेस से कुछ लेना देना नहीं है। जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब भी यही स्थिति थी।”

इरा ने कहा कि फिल्म प्रमाणन की प्रक्रिया अच्छी है लेकिन सरकार को इसे स्वायत्त निकाय बनाने की जरूरत है।

इरा के अलावा लोरा प्रभु, पंकज शर्मा, राजीव मसंद, शेखरबाबू कन्छेर्ला, शाजी एन. करुण, शुभ्रा गुप्ता, टी.जी. त्यागराजन, ममांग दई और अरुं धती नाग ने सीबीएफसी से इस्तीफा दे दिया है।

लीला सैमसन एक अप्रैल, 2011 को सीबीएफसी की अध्यक्ष नियुक्त की गई थीं। बोर्ड के अन्य सदस्यों की नियुक्ति भी उसी साल अप्रैल में हुई थी।

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