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स्कूलों के आसपास की तम्बाकू दूकानें हटाने व दीवार लेखन कराने का प्रशासन ने दिया आदेश

Ranchi : शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह ने एक पत्र जारी कर सभी जिलों के उपायुक्तों एवं शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने जिलों के सभी शैक्षणिक संस्थानों को तम्बाकू मुक्त क्षेत्र घोषित करें. साथ ही शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे से तम्बाकू उत्पाद बेचने वाली दुकानों को अविलम्ब हटाया जाये. उन्होंने सभी शैक्षणिक संस्थानों को इस आशय के सूचना बोर्ड का दिवार लेखन कराने का भी निर्देश दिया है. उन्होंने सभी शिक्षा पदाधिकारियों को उक्त आदेश का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करवाते हुए कृत कार्रवाई करने का प्रतिवेदन भेजने का निर्देश दिया है.

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तम्बाकू सेवन की लत को बढ़ावा मिलता है  

तम्बाकू सेवन देश भर में तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य की समस्या है, जिस पर लगाम लगाना बेहद जरुरी है, उन्होंने कहा, प्रायः देखा जा रहा है कि  शैक्षणिक संस्थानों के परिसरों और आसपास तम्बाकू उत्पादों की बिक्री एवं उपयोग किया जाता है.  जिससे कम उम्र के युवाओं एवं छात्रों में धूम्रपान और तम्बाकू सेवन की लत को बढ़ावा मिलता है. इस पर लगाम लगाना बहुत जरूरी है.

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शिक्षण संस्थानों को तम्बाकू मुक्त परिसर बनाने का आग्रह

राज्य सरकार को तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम में तकनीकी सहयोग देने वाली संस्था सीड्स के कार्यपालक निदेशक दीपक मिश्रा ने बताया कि राज्य में तंबाकू के उपयोग को कम करने हेतु सभी हितधारकों को मिलकर प्रयास करना होगा. इसी क्रम में सीड्स के सदस्यों ने शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव से मिलकर एक ज्ञापन सौंपा था.  इसमें राज्य के सभी शिक्षण संस्थानों को तम्बाकू मुक्त परिसर बनाने का आग्रह किया था.

स्कूलों व कॉलेजों के प्रिंसिपल पर लग चुका है जुर्माना 

दीपक मिश्रा ने बताया कि तम्बाकू उद्योगों द्वारा कम उम्र के युवाओं एवं छात्रों को टारगेट किया जाता है, ताकि ये ज्यादा दिन तक उनके ग्राहक बने रहें. शिक्षा विभाग द्वारा उठाया गया यह कदम सराहनीय है और राज्य में तम्बाकू को नियंत्रित करने की दिशा में इस आदेश का दूरगामी परिणाम होगा. हाल के महीनों में रांची सहित कई जिलों में शैक्षणिक संस्थानों के आसपास कार्रवाई करते हुए तम्बाकू उत्पाद बेचने वाले दुकानदारों सहित बोर्ड नहीं लगवाने की वजह से स्कूलों व कॉलेजों के प्रिंसिपल पर जुर्माना लगाया गया है.

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कम हुआ है  झारखंड में तंबाकू का इस्तेमाल

विदित हो कि हाल ही में प्रकाशित वैश्विक वयस्क तंबाकू सर्वेक्षण GATS  के आंकड़े के अनुसार झारखंड में तंबाकू का इस्तेमाल कम हुआ है यह आंकड़ा पिछले 7 वर्षों  में 50.1 % से घट कर  38.9% हो गया है  लेकिन राज्य में  धूम्रपान करने वालों की संख्या में 1.5 %  का इजाफा हुआ है,  जो कि  9.6 %  से बढ़ कर 11.1%  हो गया है.

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