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साहिबगंज में नाव से होती है स्टोन चिप्स की अवैध ढुलाई, प्रशासन मौन (देखें वीडियो)

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Sahebganj, 13 December : जिला में स्टोन चिप्स की अवैध ढुलाई नाव के द्वारा धड़ल्ले से जारी है. यह ढुलाई जिला प्रशासन के नाक के नीचे हो रही पर प्रशासन चुप्पी साधे बैठी है. दरअसल साहिबगंज में उद्योग के नाम पर सिर्फ पत्थर खनन का काम ही है. सरकार खनन कार्य करने के लिए पत्थर व्यवसायीयों को स्थान लीज पर देती है. पत्थरों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए खनन विभाग चालान निर्गत करती है. पर नदी के रास्ते पत्थर व्यवसायी बिना चालान के ही स्टोन चिप्स की सप्लाई करते हैं. पत्थर माफिया नांव में चिप्स भरकर गंगा नदी को पार कर अन्य प्रदेशों में भेजते हैं. इस बात की जानकारी जिला प्रशासन को भलीभांति है, पर वह मौन धारण कर बैठी है.

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किन-किन घाटों से होती है अवैध ढुलाई

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जिले के समदा घाट से सैकड़ों नावों मे भरकर लाखों टन पत्थर अवैध तरीके से दूसरे प्रदेशों में भेजे जाते हैं. इसी तरह से तालझाड़ी के शुकसेना घाट व राजमहल के भी कई गंगा घाटों से भर-भर कर नावों से पत्थर भेजे जाते हैं. वहीं प्रशासनिक पदाधिकारियों का कहना है कि ऐसी किसी भी अवैध तस्करी की सूचना उन्हें नहीं है.

नावों से वसूली जाती है मोटी रकम

घाट पर मौजूद एक व्यक्ति ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर बताया कि नावों से जो स्टोन चिप्स अन्य प्रदेशों में भेजे जाते हैं, उनसे मोटी रकम वसूली जाती है. वसूली कर यह रकम सरकारी नुमाइंदे तक पहुंचाये जाते हैं.

क्या कहते हैं थाना प्रभारी

इस मामले में मुफस्सिल थाना प्रभारी विनोद तिर्की ने बताया कि समदा घाट पर नाव में स्टोन चिप्स लोड होने की सूचना पर कारवाई की गयी थी. अगर समदा घाट से फिर नाव पर स्टोन चिप्स लोड किया जा रहा है तो यह नहीं होने दिया जायेगा. उस पर अंकुश लगाने की पूरी कोशिश करूंगा. पत्थर माफियाओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दूंगा.

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