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सदन की गरीमा को ठेस नहीं पहुंचे इसका ध्यान रखें – राज्यपाल

— झारखंड विधानसभा का 16वां स्थापना दिवस समारोह
— जनहित और विकास के अलावे कोई कार्य नहीं करेगी सरकार – मुख्यमंत्री
— सदन के अंदर संविधान अनुरूप जन समस्याओं का गंभीरता से हो निदान- विधानसभा अध्यक्ष
रांची: राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि स्थापना दिवस मनाने का दिन है। झारखण्ड विधानसभा के 16 वर्ष पूर्ण हो गए। इन 16 वर्षों में हमने जनहित के क्या कार्य किये और क्या नहीं इसकी समीक्षा करने की भी जरूरत है। सदन की गरिमा को ठेस नहीं पहुंचे। इस बात का ध्यान रखने की जरूरत है। राज्यपाल झारखंड विधानसभा स्थापना दिवस समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी रचानात्मक भूमिका का निवर्हन करे और सत्ता पक्ष को भी किसी प्रस्ताव को सदन के पटल पर रखने के पहले हजार बार मंथन करे कि यह प्रस्ताव जनहित और राज्य हित में है या नहीं। उलझे मामलों को वह सुलझाए चाहे इसमें कितना भी समय क्यों ना लगे। श्रीमती मुर्मू ने कहा कि जनता जागरूक है। उसे पता है कि सदन के अंदर और बाहर क्या हो रहा है। सदन को जनहित के लिए जरूरतों के अनुरूप नीतियों को निर्माण करना चाहिए। उसे मूर्तरूप देने में पारदर्शिता का होना बेहद जरूरी है।
राज्यपाल ने कहा कि जिस तरह पूर्व विधायकों और उत्कृष्ट विधायक को सम्मान दिया गया। उसी तरह युवा विधायकों, वरिष्ठ विधायकों और ओवर ऑल अच्छा प्रदर्शन करने वाले विधायकों को सम्मानित करने की परंपरा प्रारंभ होनी चाहिए। इससे विधायकों को बेहतर करने की प्रेरणा मिलेगी।
समारोह को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि लोकतंत्र में सदन (विधानसभा) सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। जनता द्वारा चुने गये प्रतिनिधि जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करें। वाद-विवाद-संवाद करें। मुद्दों पर बहस करें। उनके गुण-दोष पर चर्चा करें। कमियां-खामियां बतायें। सत्ता का यह दायित्व है कि कमियों-खामियों व सुझावों पर ध्यान दें और विपक्ष का दायित्व है कि जनहित से जुड़े हर मामले पर साथ दे। यह नहीं होना चाहिए कि सदन में कामकाज ही ठप कर दिया जाये। इससे सदन की गरिमा गिरती है। लोगों को विश्वास विधायिका के प्रति कम होता है।
मुख्यमंत्री श्री दास ने कहा कि किसी भी विषय पर दूसरे के नजरिये को सुना जाना चाहिए। मुद्दों पर टकराव हो, लेकिन सदन बाधित नहीं होना चाहिए। जनता ने जो जनादेश दिया है, उसका सम्मान करना हर किसी का कर्त्तव्य है। किसी मामले पर मतभेद हो सकते
हैं, लेकिन लोगों के हित में बहस कर रचनात्मक निर्णय तक पहुंचना चाहिए। जनता को भी मालूम होना चाहिए कि उन्होंने जिस जन प्रतिनिधि को चुना है, वह उनके विकास के बारे में क्या सोचता है। किसी मुद्दे पर विरोध कर रहा है, तो क्या कारण है? समर्थन कर रहा है, तो क्या कारण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के 70 साल बाद भी गांवों में पीने का पानी नहीं है। राज्य से 30 हजार बच्चे-बच्चियां काम की तलाश में पलायन कर दूसरे राज्यों में शोषण का शिकार हो रहे हैं। इसके लिए जिम्मेवार कौन है? राज्य के 30 लाख घरों में बिजली नहीं पहुंची है। क्या वे अंधेरे में ही रहने के लिए पैदा हुए हैं? क्या उन तक रोशनी और विकास नहीं पहुंचना चाहिए? हमारी सरकार की कोई छिपी मंशा नहीं है। कोई भी उद्योगपति पैदा नहीं हुआ, जो झारखंड को खरीद सके। हमारा एकमात्र लक्ष्य है जनता का हित। हम हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं। हमारी कोई कमी होगी, तो हम उसे सुधार करेंगे। लेकिन राज्य की सबसे बड़ी पंचायत से लोगों तक संदेश जाना चाहिए। जनहित में कदम उठाने के लिए सरकार पीछे नहीं हटेगी। जरूरी संशोधन किये जायेंगे। एक्ट में बदलाव के बाद यदि उससे लाभ न मिले, तो फिर से संशोधन किये जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार गरीब, आदिवासी, शोषित, वंचितों की आवाज है। हम उनके जीवनस्तर को उठाने के लिए वचनबद्ध हैं। हम संकल्प लें कि गरीबों के हित से समझौता न करें। गरीबी में पैदा होने के कारण मैं गरीबों का दर्द जानता हूं। राज्य से गरीबी समाप्त करना मेरी सरकार का एकमात्र एजेंडा है।
विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव ने कहा कि तप, त्याग और बलिदान से झारखण्ड का निर्माण हुआ है। इसकी मिटटी की सुगंध को आत्मसात करते हुए नवनिर्माण करते हुए संकल्प लेने की जरूरत है ताकि राज्य विकास की ओर अग्रसर हो सके। सदन के अंदर संविधान अनुरूप जन समस्याओं का गंभीरता से निदान हो। इसे प्राथमिकता देनी चाहिए।
इससे पूर्व ऑपरेशन रक्षक के तहत सीमा पर शहीद शक्ति सिंह, नेयमन कुजूर, फ्रांसिस होरो, जावरा मुंडा और नायक जोसेफ लंगुरी के परिजनों को प्रशस्ति पत्र, 21 हजार का चेक, अंगवस्त्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। 1857 के सिपाही विद्रोह में शहीद जीतराम बेदिया के परिजनों, पदमश्री शिमोन उरांव, पदमश्री अशोक भगत, पदमश्री स्वः राम दयाल मुंडा की धर्मपत्नी श्रीमती अमिता मुंडा और अन्य लोगों को सम्मानित किया गया।
इस मौके पर विधानसभा की उड़ान पत्रिका के 64वें संस्करण और चतुर्थ विधानसभा के सदस्यों की पूर्ण जानकारी से संबंधित पुस्तिका जीवन परिचय का विमोचन किया गया।
इस मौके पर विधायक, मंत्री और वरीय अधिकारी मौजूद थे।

(आईपीआरडी)

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