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वॉर्डन द्वारा मूत्रपान कराना अपराध नहीं बल्कि इलाज: अग्निवेश

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में विश्व भारती स्कूल की हॉस्टल वॉर्डन द्वारा 5वीं क्लास की छात्रा को बिस्तर गीला करने पर पेशाब पीने की सजा पर जहां पूरे देश में विरोध हो रहा है, वहीं सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश ने कहा है कि मूत्रपान कोई अपराध नहीं बल्कि के ऐसी बीमारी के लिए परंपरागत इलाज है.

स्वामी अग्निवेश ने 11 साल की बच्ची को बिस्तर गीला करने पर पेशाब पीने की सजा देने पर कहा है कि इस मामले को बहुत तूल नहीं दिया जाना चाहिए. हॉस्टल की वॉर्डन उमा पोद्दार ने बच्ची को अगर पेशाब पीने की सजा दी गई तो यह कोई बड़ी बात नहीं, क्योंकि आयुर्वेद में मूत्रपान इलाज के तौर पर आजमाया जाता है. अग्निवेश ने वॉर्डन का बचाव करते हुए कहा कि वॉर्डन ने बच्ची को जबरन इस काम के लिए मजबूर नहीं किया.

गौरतलब है कि पश्विम बंगाल में विश्व भारती यूनिवर्सिटी के कराबी हॉस्टल की वॉर्डन उमा पोद्दार ने एक 11 वर्षीय छात्रा को पेशाब पिलाया था. उसने छात्रा को पेशाब पीने की सजा दी थी क्योंकि वह रोज बिस्तर पर पेशाब कर देती थी. बिस्तर गीला करने के लिए बच्ची को कथित तौर पर ऐसी अमानवीय सजा देने की आरोपी हॉस्टल वार्डन को गिरफ्तार कर निलंबित कर दिया गया था. हालांकि बाद में आरोपी को जमानत पर रिहा कर दिया गया.

मालूम हो कि विश्व भारती विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त है और इसके कुलाधिपति प्रधानमंत्री हैं.

Sanjeevani

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