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वार्ड-5 में असुविधाओं से परेशान हैं लोग, पार्षद पर घूस मांगने, आवेदन फाड़ने सहित कई गंभीर आरोप लगाये

Manish Jha

Ranchi: नगर निगम के वार्डों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव जग जाहिर है. बड़े-बड़े दावे और वादे तो होते हैं लेकिन सिर्फ चुनाव तक. वार्ड नंबर पांच यानि पाहन टोली में रहने वाले लोग आज भी सड़क, नाली, गंदगी, शुद्ध पेय जल, प्रधानमंत्री मंत्री आवास योजना और शौचालय, राशन कार्ड की कमी जैसी समस्याओं से लगातार जूझ रहे हैं. न्यूज विंग टीम ने पड़ताल की तो नगर निगम द्वारा किये गए सभी वादे हवा-हवाई साबित हुए. 

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स्थानीय लोगों ने वार्ड पार्षद पर आरोप लगाते हुये कई बातें कहीं
– स्थानीय लोगों ने पार्षद पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह प्रधानमंत्री मंत्री आवास योजना और शौचालय निर्माण के लिए घूस की मांग करती हैं. नहीं देने पर लाभुक का फॉर्म फाड़ दिया जाता है. पार्षद पर जातीयता के आधार पर भी काम करने का आरोप लगाया गया.
– वार्ड में रहने वाले रवि पाहन ने बताया कि चुनाव आते ही सभी नेता यहां आते हैं. और बड़े बड़े वादे करते हैं. लेकिन समस्याओं की सुध कोई नहीं लेता. वार्ड के बाहरी क्षेत्रों में सफाई तो देखने को मिलती है लेकिन थोड़ा अंदर की गलियों को देखा जाये, तो सफाई व्यवस्था नदारद है.

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मुन्ना मुंडा का कहना है कि सड़कें जो मुख्य सड़क तक जाती हैं, वो तो कुछ ठीक हैं लेकिन इसके बाद की तंग सड़कें भगवान भरोसे हैं. यहां पार्षद सड़क बनवाने का दावा तो करती हैं, लेकिन बनवाती नहीं हैं. सप्लाई पानी का पाइप तो बिछ गया है. घरों में नलें भी लगी हुई हैं. लेकिन पानी नहीं पहुंचा है. शौचालय निर्माण का भी सारा पैसा एक साल हो गये लेकिन नहीं मिला है. राशन कार्ड भी अभी तक नहीं बना है. कहा कि पार्षद प्रधानमंत्री आवास योजना का कागज ही पास नहीं होने देती हैं,  कागज पास करवाने के नाम पर दस हजार रूपये की मांग करती हैं.

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बुधनी देवी कहती हैं कि यहां सबसे बड़ी समस्या शुद्ध जल की है. पूरे वॉर्ड में कहीं भी पानी की व्यवस्था ठीक नहीं है. चपाकल तो हैं. लेकिन उसमें पानी नहीं हैं. प्रधानमंत्री मंत्री आवास योजना का फॉर्म भरने से पहले दो हजार रूपये की मांग करती हैं. और 45 हजार की पहली किस्त में 5 हजार ले लेती हैं. जो पैसा नहीं देते उनकी फॉर्म फाड़ देती हैं.

ननकु मुंडा ने कहा कि सफाई कर्मियों की कमी से वार्ड जूझ रहा है. सीमित दायरे में सफाई कर्मी अपना काम करते हैं इसीलिए सफाई सुचारू ढंग से नहीं हो पाता. स्वच्छ भारत का सपना यहां अधूरा नजर आ रहा है. महिलाएं शौच के लिए खेतों में जाती हैं. कारण यह है कि यहां अधिकतर घरों में शौचालय निर्माण नहीं हो पाया है. फ़िलहाल वार्ड नंबर पांच मूलभूत सुविधाओं से दूर है. आने वाले निकाय चुनाव में प्रत्याशी किस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जायेंगे ये तो अब आने वाला समय ही बताएगा.

अपने उपर लगे आरोपों पर वार्ड पार्षद हुस्न आरा ने कहा
अपने उपर लगे आरोपों पर पार्षद ने कहा कि मैं जातीयता के आधार पर काम नहीं करती हूं. और न ही किसी भी लाभुक से मैंने कभी पैसे लिये हैं. उन्होंने यह भी कहा कि आजतक किसी का भी फार्म मैंने नहीं फाड़ा है. मेरे उपर लगाये गये सारे आरोप बिल्कुल निराधार हैं.

वार्ड पार्षद हुस्न आरा ने कहा कि पांच सालों में हमने बहुत से कार्य किये हैं. 

– 945 पोल लाइट लगाये गये हैं. 
– 2270 राशन कार्ड लाभुकों को दिये गये हैं. 
– एक हजार लोगों को शौचालय निर्माण के लिए पैसे दिये गये हैं.
– सौ गरीब परिवारों को कंबल देने का कार्य पूरा किया गया है.
– चार शुलभ शौचालय का निर्माण कराया गया है.
– 900 प्रधानमंत्री आवास में करीब 100 आवासों के निर्माण कम्पलीट हो चुके हैं.

इस संबंध में डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मुझे कोई जानकारी नहीं है. जानकारी लेने के बाद ही कुछ कह सकता हूं.

 

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