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रास चुनाव हार्स ट्रेडिंग मामले में HC में बहस, सरकार के वकील ने कहा दुर्गा उरांव का व्यवसाय है पीआईएल

News Wing

Ranchi, 21 August: 2016 में झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनाव में कथित हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाते हुए दायर की गई जनहित याचिका पर सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए स्वीकृति के बिंदु पर बहस हुई. न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह एवं न्यायमूर्ति बीबी एम मूर्ति की पीठ में बहस की शुरुआत करते हुए याचिकाकर्ता के वकील राजीव कुमार ने इसे सत्ता के संरक्षण में हुआ भ्रष्टाचार का बड़ा मामला बताया और सुनवाई के लिए स्वीकृत करने का आग्रह किया. जवाब सरकार का पक्ष रखते हुए महाधिवक्ता अजीत कुमार ने याचिकाकर्ता दुर्गा उरांव की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा किया. उन्होंने कहा कि दुर्गा जनहित याचिका को बिजनेस बना रखा है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील राजीव कुमार को अगली तारीख में याचिकाकर्ता दुर्गा उरांव का क्रिडेन्शियल प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है.

कोर्ट ने पूछा याचिकाकर्ता को कहां से मिले साक्ष्य

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कोर्ट ने जानना चाहा है कि याचिकाकर्ता को इस मामले में सूचनाएं कहां से प्राप्त हुई और उन्होंने किन माध्यमों से साक्ष्य एकत्रित किया है. याचिकाकर्ता के पास वह चिट्ठी कहां से आई जो चुनाव आयोग ने झारखंड के मुख्य सचिव को लिखी है. साथ ही उस सीडी की प्राप्ति का भी स्रोत बताने को कहा है जिसमें एडीजी अनुराग गुप्ता और मुख्यमंत्री के तत्कालीन राजनीतिक सलाहकार अजय कुमार का ऑडियो मौजूद है.

एसीबी को मिला है जांच का जिम्मा, अबतक कोई प्रगति नहीं

गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव में विधानसभा में अपेक्षित संख्याबल नहीं होने के बावजूद भाजपा के प्रत्याशी मुख्तार अब्बास नकवी और महेश पोद्दार चुनाव जीते थे. विधायक चमरा लिंडा एवं निर्मला देवी समेत विपक्ष के कई विधायकों ने इस चुनाव में भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया था. झाविमो चीफ बाबूलाल मरांडी ने भी एक ऑडियो सीडी सार्वजनिक की थी. बाबूलाल मरांडी ने इस चुनाव में भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग को चिट्ठी भी लिखी. चुनाव आयोग की चिट्ठी मिलने के बाद मुख्यमंत्री रघुवर दास के आदेश पर इस मामले की जांच का जिम्मा झारखण्ड भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को सौंपा गया. लेकिन अबतक ACB की ओर से इस मामले में कोई प्रगति नहीं है.

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