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राज्य में शैक्षणिक संरचना ध्वस्त: हाइकोर्ट

रांचीः झारखंड हाइकोर्ट ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की कार्यशैली पर तीखी टिप्पणी की है. कहा है कि राज्य में शैक्षणिक संरचना ध्वस्त हो गयी है. शिक्षा बदहाल स्थिति में है. सरकार शिक्षकों की नियुक्ति व शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए सार्थक प्रयास नहीं कर रही है.

स्कूलों में शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस प्रकाश टाटिया व जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने कहा, देश में शिक्षा की बात होती है, तो झारखंड में सर्वाधिक निरक्षरता की बात सामने आती है. यह दुर्भाग्यजनक है. खंडपीठ ने मामले में सरकार से जवाब मांगा है. शपथ पत्र दायर करने का आदेश दिया है.

झारखंड हाइकोर्ट ने सरकार से पूछा है कि झारखंड में कितने स्कूल हैं, इनमें शिक्षकों को कितने पद रिक्त हैं. इन स्कूलों में कितने शिक्षक नियुक्त किये गये. रिक्त पदों पर अब तक नियुक्ति क्यों नहीं हुई. खंडपीठ ने सरकार से यह भी पूछा है कि मामले में सरकार अपनी मंशा बताये, नियम और नीति क्या है. मामले की अगली सुनवाई 29 अगस्त को होगी.

इससे पहले प्रार्थी सुशील तिवारी व अन्य की ओर से अधिवक्ता डॉ श्रीकृष्ण पांडेय ने खंडपीठ को बताया, 21 वर्षो से स्कूलों में शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गयी है. बीपीएड व एमपीएड की नियुक्ति भी शारीरिक शिक्षा अनुदेशक के पद पर नहीं की गयी.

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