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राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने 453 में से 345 मामले सुलझाये

रांची : झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग में वर्ष 2013 में आयोग के पुर्नगठन के बाद अध्यक्ष कोषांग में 453 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। जिसमें से 345 शिकायतों का निराकरण कर दिया गया है। इस बात की जानकारी आयोग के अध्यक्ष के हवाले से उनके आप्त सचिव अशोक कुमार ने एक विज्ञप्ति के माध्यम से दी है। वहीं आयोग में बृहस्पतिवार (18 दिसम्बर 2014) को विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर आंतरिक बैठक का आयोजन हुआ जिसमें झारखण्ड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष डाॅ शाहिद अख्तर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने 1992 में अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए 18 दिसम्बर को अल्पसंख्यक अधिकार दिवस घोषित किया था। तब से विश्व के अनेक देशों में यह दिवस मनाया जा रहा है। महात्मा गांधी ने भी कहा है कि ‘‘एक सभ्यता को उनके अल्पसंख्यकों के साथ किए जा रहे व्यवहार से आंका जा सकता है’’।

बैठक से पहले पाकिस्तान के पेशावर में हुए आतंकी घटना पर दो मिनट का मौन रखा गया।

बैठक को संबोधित करते हुए श्री अख्तर ने कहा कि हमारा प्रयास होना चाहिए कि राज्य के ज्यादा-से-ज्यादा अल्पसंख्यक अपनी समस्याओं एवं शिकायतों को आयोग के पास ला सकें। इसके लिए नये वर्ष से नये सिरे से काम करना होगा। उन्होंने कहा कि आयोग ने राज्य के अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा के लिए सरकार को कई अनुशंसाएं की हैं, जिसमें आयोग को अन्य राज्यों की तरह सिविल कोर्ट की शक्ति प्रदान करना, नियुक्ति के लिए गठित समितियों में अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिनिधि को शामिल करना, आबादी के हिसाब से सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करना, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का बजट की राशि बढ़ाना, अल्पसंख्यक निदेशालय का गठन करना आदि प्रमुख हैं। उन्होंने बताया कि सरकार के पास ये अनुशंसाएं विचाराधीन हैं।

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आयोग के वार्षिक प्रतिवेदन में आयोग की ओर से किए गए कार्यों की तमाम गतिविधियों को शामिल करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रतिवेदन को सरकार के पास भेजा जाएगा एवं विधानसभा के पटल पर रखवाने का प्रयास किया जाएगा।

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इधर, जारी​ विज्ञप्ति के मुताबिक हाल में राज्य के कई क्षेत्रों में साम्प्रदायिक घटना घटी हैं जिसमें ईसाई चर्च में तोड़-फोड़ की घटना, सिलागाई में दो समुदाय के बीच में आपसी संघर्ष, कुरानशरीफ के जलाए जाने की घटना, चतरा, गढ़वा, गिरिडीह, रामगढ़ एवं गुमला में आपसी संघर्ष आदि प्रमुख हैं। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पैगामें इंसानियत नाम से एक कार्यक्रम चलाया जायेगा। इसके लिए आयोग के सदस्य मौलाना असगर मिसबाही को जिम्मेवारी दी गई है। मौलाना असगर मिसबाही राज्य के सभी जिलों में सभी धार्मिक समुदायों के लोगों के साथ मिलकर साम्प्रदायिक सौहार्द बढ़ाने के लिए कार्यक्रम चलाएंगे।

बैठक में उपाध्यक्ष श्री याकुब अंसारी, सदस्य मौलाना असगर मिसबाही, सचिव मनौवर आलम, अशोक कुमार, फिरोज आलम, संजय किस्पोटा, शहजाद आलम आदि उपस्थित थे।

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