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रांची: जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है दुष्कर्म की शिकार दलित बच्ची, डॉक्टर नहीं दे रहे है ध्यान

News Wing
Ranchi, 18September: दुष्कर्म की शिकार नौ वर्षीया नाबालिग बच्ची तीन दिनों से रांची के रिम्स में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है. रक्तस्त्राव नहीं रुक रहा है. दिन प्रतिदिन नाबालिग की हालत बिगड़ रही है.घटना गढ़वा जिला के खरौंधी थाना क्षेत्र की है.

इलाज में बरती जा रही है लावपवाही

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रिम्स के चौथी मंजिल पर स्थित लेबर रूम (प्रसूति गृह) में एडमिट इस बच्ची के इलाज में लावपवाही बरती जा रही है. लापरवाही की हद तो यह है कि बच्ची के बेड पर एक और अन्य डिलेवरी पेसेंट को साथ में रखा गया है. डॉक्टरों द्वारा इस बच्ची पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. बच्ची के रोने पर डांट- फटकार लगाती है नर्से.

मजदूरी का काम करते है मां-बाप

यह बच्ची झारखण्ड उत्तरप्रदेश सीमा पर स्थित यूपी राज्य के सोनभद्र जिला अंतर्गत कोन थाना क्षेत्र के किसुनपुरुवा गांव की रहने वाली है. बच्ची का नाम सीमा कुमारी, पिता रमेश राम (काल्पनिक नाम) है.
दरअसल नाबालिग के पिता मजदूर वर्ग से आते हैं. इसके साथ ही नाबालिग के अन्य परिजन का भी पेशा मजदूरी है. दिन भर की दिहाड़ी के बाद मुश्किल से घर का चूल्हा जल पाता है. हर पल अनहोनी की आशंका से ग्रसित नाबालिग के परिजन भगवान को याद कर संकट की घड़ी बीतने का इंतजार कर रहे हैं. नाबालिग की मां और मामा ने बताया कि गढ़वा से चिकित्सकों ने तीन दिन पूर्व इस बच्ची को रिम्स रेफर तो कर दिया. मगर रिम्स में सही से इलाज नहीं हो पा रहा है.

नगरउंटारी पुलिस ने दिया परिजनों को सुचना
माँ ने बताया कि वह अपनी बच्ची को साथ लेकर ट्रेन पकड़ने गई थी. माँ को ट्रेन पर बैठा कर बच्ची एक बस से घर वापस जा रही थी. बस किसुनपुरुवा में नहीं रुकी. बस में सफर कर रहे एक अनजान व्यक्ति ने बच्ची को अपने विश्वास में लेकर उसे उसके गाँव छोड़ देने का वादा कर अपने साथ जंगल में लेजाकर बलात्कार किया. बच्ची को जंगल में चरवाहों ने खून से लथपथ देखकर लोगों को बताया. नगरउंटारी (बंशीधर नगर) पुलिस ने बच्ची के परिजनों को बुलाकर रांची, रिम्स भेज कर अपनी खानापूर्ति कर दी है.

यहां देखें विडियो:

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