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बिना नक्‍शा पास कराये एसोटेक कंपनी कर रहा फ्लैट निर्माण व रजिस्ट्रेशन, एलॉटमेंट की गारंटी नहीं

Subhash Shekhar

Ranchi : रांची नगर निगम के आदेश की अनदेखी कर बिना नक्‍शा पास कराये एसोटेक सन ग्रोड एबोड एलएलपी कंपनी मोरहाबादी के चिरौंदी में फ्लैट निर्माण कर रहा है. साथ ही यह कंपनी ग्राहकों को अंधेरे में रखकर फ्लैट का रजिस्‍ट्रेशन करा रहा है. रजिस्‍ट्रेशन के लिए एसोटेक कंपनी लोगों से 25 हजार रुपये से 75 हजार रुपये वसूल रहा है.

बता दें कि साल 2017 में मोमेंटम झारखंड के तहत झारखंड सरकार ने एसोटेक सन ग्रोड एबोड एलएलपी कंपनी के साथ एमओयू किया था. जिसके तहत कंपनी ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) और झारखंड अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी के तहत रांची के मोरहाबादी के चिरौंदी में एसोटेक हिल्‍स प्रोजेक्‍ट की आधारशिला रखी. आधारशिला के पहले दिन से ही यह प्रोजेक्‍ट विवादों में रहा. जिसकी वजह से शिलान्‍यास कार्यक्रम नगर विकास मंत्री सीपी सिंह, राज्‍यसभा सांसद महेश पोद्दार और नगर विकास सचिव अरुण कुमार सिंह ने अपने आने का कार्यक्रम रद्द कर दिया था. साथ ही उन्‍होंने कार्यक्रम और प्रोजेक्‍ट को लेकर कई सवाल खड़ा किया था.

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क्‍या है रांची नगर निगम का आदेश

29 जनवरी 2018 को नगर निगर निगम से जारी कार्यालय आदेश में कहा गया था कि एसोटेक हिल्‍स द्वारा जिस जमीन पर (खाता नंबर 369, प्लॉट संख्या 1877, रकबा 1.50 एकड़) प्रोजेक्ट का निर्माण किया जा रहा है, उसका एक केस सब जज के अदालत में लंबित है. वादी इंद्रदेव नारायण तिवारी ने इस संबंध में नगर आयुक्त के कोर्ट में भी केस दर्ज कराया है. जारी आदेश के मुताबिक जब तक न्यायालय व नगर आयुक्त के कोर्ट से कोई आदेश पारित नहीं होता है. तब तक भवन प्लान संख्या BP/W04/0165/16 के नक्शा निर्गत पर रोक लगायी जाती है.

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निचली अदालत में हो रही केस की सुनवाई

इस मामले पर रांची की निचली अदालत में केस की सुनवाई चल रही है. जमीन से जुड़ा यह मामला दिसंबर 2015 से चल रहा है. एसोटेक कंपनी ने जब इस पर काम करना शुरू किया तो मामले के वादी इंद्रदेव तिवारी ने नगर निगम के नगर आयुक्‍त के कोर्ट में मामला दर्ज करा दिया. इंद्रदेव तिवारी का निधन 10 जनवरी 2018 को जमीन का केस लड़ते लड़ते हो गया और मामला अभी भी कोर्ट में लंबित है.

बड़ा सवाल यह है कि जब यह जमीन विवाद का मामला अभी भी कोर्ट में लंबित है और नगर निगम ने एसोटेक सन ग्रोड एबोड एलएलपी कंपनी के एसोटेक हिल्‍स प्रोजेक्‍ट के नक्‍शा निर्गत पर रोक लगा दिया है तो कंपनी कैसे इस पर काम शुरू कर दी है. चिरौंदी स्थित कार्यस्‍थल पर फाउंडेशन का काम तेजी से चल रहा है.

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जोरो से हो रहा है फ्लैट बुकिंग के लिए रजिस्‍ट्रेशन, पर फ्लैट अलॉटमेंट की गारंटी नहीं

एसोटेक हिल्‍स प्रोजेक्‍ट के बुकिंग के लिए रजिस्‍ट्रेशन जोरों पर है. इसके लिए निर्माण स्‍थल पर कंपनी की स्‍पेशल सेल्‍स टीम लगी हुई है. कंपनी ने अभी तक 1 बीएचके के कुल 238 में से 57 फ्लैट, 2 बीएचके के 302 में 270 फ्लैट और 3 बीएचके के 140 में 46 फ्लैट का रजिस्‍ट्रेशन किया है. कंपनी ने इसके लिए 25 हजार रुपये से 75 हजार रुपये तक वसूले हैं. कंपनी ने बताया कि यह बुकिंग नहीं है, यह बैंकिंग प्रोसेस का फी है. अभी इसके जरिये लोगों से दस्‍तावेज ले रहे है, इसमें यह तय किया जायेगा कि वह फ्लैट लेने की तय योग्‍यता को पूरा करते हैं या नहीं. यह रजिस्‍टेशन फ्लैट की बुकिंग नहीं है और फ्लैट अलॉटमेंट की गारंटी भी नहीं देता है.

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क्‍या कहना है एसोटेक कंपनी का

एसोटेक सन ग्रोड एबोड एलएलपी कंपनी की सीईओ शिवानी प्रिया का कहना है कि नगर निगम में नक्‍शा से संबंधित मामला जनवरी 2018 का है. यह मामला संबंधित व्‍यक्ति के साथ सुलझा लिया गया है और समझौता कर लिया गया है. उसी के बाद काम जारी है.

क्‍या कहते हैं दिवंगत वादी इंद्रदेव तिवारी के परिजन

दिवंगत इंद्रदेव तिवारी के दामाद पंकज कुमार तिवारी ने बताया कि उनके निधन के बाद इस न्‍यायिक मामले को उनकी तीन बेटियां और बहू देख रही हैं. अभी तक इस मामले में कोर्ट का कोई फैसला नहीं आया है और न ही किसी तरह का कोई समझौता ही हुआ है. मामला अदालत में लंबित है. 

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