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बच्चों को सुरक्षित माहौल प्रदान करना स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी : CBSE

विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए एक कमेटी बनाए निजी स्कूल.

शिक्षक, अभिभावक और छात्र को शामिल करें.

सुरक्षा के निषय में समय-समय पर उनसे सुझाव लें.

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Sanjeevani
MDLM

Ranchi, 13 September : प्राईवेट स्कूलों में बच्चों के साथ लगातार हो रही दुर्घटनाओं पर सेंट्रल बोर्ड ऑफ स्कूल एग्जामिनेशन ने सख्त रुख अख्तियार किया है. बुधवार को एक सर्कुलर जारी करते हुए सीबीएसई ने सभी प्राईवेट स्कूलों से स्पष्ट कहा है कि बच्चों का अधिकार है कि जिस जगह में वह अपना सबसे ज्यादा व कीमती समय  व्यतीत करते हैं, जहां वह सीखने और पढ़ने आते हैं, वहां वह खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें. सीबीएसई ने कहा कि यह केवल और केवल स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी कि वह बच्चों को एक सुरक्षित माहौल प्रदान करे. बोर्ड की ओर से सभी स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर दो महीने के अंदर एकल कमेटी घठित करें जिसमें छात्र, शिक्षक और अभिभावक शामिल हों.

समय-समय पर सुझाव लेने का निर्देश
इतना ही नहीं स्कूल मैनेजमेंट को छात्रों और अभिभावकों से सुरक्षा के संबंध में समय-समय सुझाव लेने का निर्देश भी दिया गया है. इसके साथ ही सीबीएसई ने स्कूलों को अपने स्टाफ, स्टूडेंट और अभिभावकों की समस्याओं के निष्पादन के लिए, आंतरिक शिकायतों को दूर के लिए, पॉक्सो (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस)-2012 और सेक्सुअल हैरेस्मेंट के लिए एक अलग कमेटी का गठन करने का निर्देश दिया है. इन सभी कमेटी सदस्यों का नंबर और नाम स्कूल के बोर्ड पर डिस्प्ले करना होगा.
स्टाफ की जांचे मानसिक स्थिति
साथ ही सीबीएसई ने स्कूल के सभी स्टाफों का मनोचिकित्सक से मनोवैज्ञानिक जांच व पुलिस वेरिफिकेशन कराने का भी निर्देश दिया है. इसमें टीचिंग और नन टीचिंग स्टाफ सभी को शामिल करने का निर्देश दिया गया है. अगर किसी भी स्टाफ की मानसिक स्थिति गड़बड़ पाई जाती है या संदेह होता है तो उन्हें उसी समय स्कूल से निकालने का निर्देश सीबीएसई ने दिया है. इसके अलावा स्कूल में स्टाफ की नियुक्ति रजिस्टर्ड अथॉरिटी से ही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
स्कूलों का कराएं सेफ्टी ऑडिट
सीबीएसई ने स्कूलों से कहा है कि वे अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन की मदद से अपने स्कूल कैंपस और स्टाफ का सेफ्टी ऑडिट कराएं. साथ ही जिस प्रकार भी निर्देश उनकी ओर से दिया जाता है उसे स्कूल में शीघ्र लागू करें. बोर्ड ने स्कूल से कहा है कि सर्कुलर मिलने के दो महीने के अंदर वह इसे करवाकर इसकी वीडिया सीबीएसई की वेबसाइट पर अपलोड करें. इतना ही नहीं स्कूल के हर कोने में खास कर वैसी जगह जहां सुरक्षा संदिग्ध हो सीसीटीवी लगाने का निर्देश सीबीएसई ने दिया है. कैमरे सही से काम कर रहे हैं या नहीं इसकी भी जांच समय-समय पर स्कूल को करना होगा.
प्रद्युमन की घटना से पूरे देश में रोष
पिछले सप्ताह गुड़गांव के एक निजी विद्यालय में दूसरी कक्षा में पढ़ने वाले छात्र प्रद्मुमन ठाकुर की गला रेत कर हत्या कर दी गई थी. इस घटना  के बाद देश भर के अभिभावकों में उबाल है. लोगों के अंदर अब इस बात का खौफ समा गया है कि क्या उनका बच्चा स्कूल में सुरक्षित है? अलग-अलग जगहों पर अभिभावक आंदोलन कर रहे हैं. इसी के बाद सीबीएसई ने यह सर्कुलर जारी किया है. हालांकि सीबीएसई ने अपने सर्कुलर में यह भी कहा है कि वह समय-समय पर सुरक्षा के संबंध में स्कूलों को सुझाव देते रहा है.

 

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