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प्रणव मुखर्जी ने आरएसएस के कार्यक्रम में चीफ गेस्‍ट बनने को लेकर कहा, नागपुर में देंगे जवाब  

Kolkata  :  पूर्व राष्ट्रपति  प्रणव मुखर्जी आरएसएस के नागपुर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने वाले हैं.  उनके वहां जाने को लेकर कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों में उबाल है.  इस संबंध में अब पूर्व राष्ट्रपति श्री मुखर्जी ने कहा कि वह इसका नागपुर में ही जवाब देंगे. प्रणव मुखर्जी ने बंगाली अखबार आनंद बाजार पत्रिका को दिये गये एक इंटरव्यू में कहा है कि मुझे जो कुछ भी कहना है,  नागपुर में कहूंगा. कहा कि मुझे कई लोगों के पत्र आये और कई लोगों ने मुझे फोन किया,  लेकिन मैंने किसी का जवाब नहीं दिया है.  श्री मुखर्जी नागपुर में सात  जून को आरएसएस के उन स्वयंसेवकों को संबोधित करेंगे,  जिन्होंने संघ के शैक्षिक पाठ्यक्रम का तृतीय शिक्षा वर्ग पास किया है. बता दें कि आरएसएस की ट्रेनिंग में हिस्सा लेने वाले ज्यादातर कार्यकर्ता पूर्णकालिक प्रचारक बनते हैं. सूत्रों के अनुसार आरएसएस के सरसंघचालक  मोहन भागवत ने श्री मुखर्जी को राष्ट्रपति रहते भी न्योता दिया था.  हालांकि मुखर्जी ने उस समय यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि संवैधानिक पद पर रहते हुए वह इस आयोजन में शामिल नहीं हो सकते हैं. 

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प्रणव मुखर्जी को संघ के कार्यक्रम में नहीं जाना चाहिए : कांग्रेस

जान लें कि जयराम रमेश और सीके जाफरशरीफ जैसे कई बड़े कांग्रेस नेताओं ने प्रणव मुखर्जी को पत्र लिखकर आरएसएस के कार्यक्रम में जाने को लेकर अपने फैसले पर फिर से विचार करने की गुजारिश की है.  जयराम रमेश ने कहा कि उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति को लिखा कि उन जैसे विद्वान और सेक्युलर व्यक्ति को आरएसएस के साथ कोई  नजदीकी नहीं दिखानी चाहिए. कहा कि आरएसएस के कार्यक्रम में जाने का देश के सेकुलर माहौल पर गलत असर पड़ेगा. इसी क्रम में  केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रमेश चेन्नीथाला ने कहा कि प्रणव मुखर्जी को संघ के कार्यक्रम में नहीं जाना चाहिए. आरएसएस के कार्यक्रम में जाने का पूर्व राष्ट्रपति का फैसला सेक्युलर विचारधारा के लोगों के लिए झटका है. 

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राजनीतिक छुआछूत अच्छी बात नहीं हो सकती : गडकरी

आनंदबाजार पत्रिका से कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, अचानक ऐसा क्या हुआ कि प्रणव मुखर्जी जैसे महान नेता,  जिन्होंने हमारा मार्गदर्शन किया, अब आरएसएस के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बनकर जा रहे हैं.  पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के अनुसार जब श्री मुखर्जी ने आरएसएस का आमंत्रण स्वीकार कर लिया है तो इस पर बहस का कोई मतलब नहीं है.   कहा कि सर आपने न्योते को स्वीकार किया है तो वहां जाइए और उन्हें बताइए कि उनकी विचारधारा में क्या खामी है. जान लें कि  केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि प्रणव मुखर्जी का आरएसएस  का आमंत्रण स्वीकार करना  अच्छी पहल है. कहा कि राजनीतिक छुआछूत अच्छी बात नहीं हो सकती. 

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