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पाकुड़ : जिंदगी और मौत से जूझ रही मारपीट पीड़िता, पुलिस ने केस दर्ज करने से किया मना, पीड़िता के बेटे को जेल में डालने की दी धमकी

Pakur : जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के गंधाईपुर पंचायत के हरीगंज में बीते शुक्रवार को एक मुर्गी के लिए दो पक्षों से हुये विवाद और उसके बाद हुये मारपीट में जरीना बीबी गंभीर रूप से घायल हो गई. जिनका इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है. जरीना जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है. जरीना को शुक्रवार की रात्रि में सदर अस्पताल में भर्ती कराया था. अधिक रक्तस्राव होने के कारण वह कुछ बोल नहीं पा रही है, इशारे से बात कर रही है. चेहरे में चिकित्सकों द्वारा पट्टी बांधी गई है. घटना के बाद पीड़िता के पति लालचंद शेख एवं पुत्र मंजूर शेख द्वारा थाना में लिखित आवेदन दिया गया, लेकिन केस दर्ज नहीं की गई, उल्टे मुफ्फसिल थाना के एक एएसआई ने पीड़िता के पुत्र अयूब को गले में गमछी डालकर जेल में डालने की धमकी दी जा रही है और धमकाया जा रहा है कि केस का समझौता कर लो नहीं तो जेल भेज देंगे. पीड़िता के बेटे अयूब के अनुसार पड़ोसी का मुर्गी को लेकर कई दिनों से विवाद चल रहा था. अचानक शुक्रवार को मंजूर शेख पिता केताबुल शेख, रियाजुल शेख पिता मंजूर शेख, मोफजूल शेख पिता मंजूर शेख मारपीट करने लगे, मेरी बेटी के साथ भी मारपीट की, जबकि घर में कोई मर्द नहीं था. बांस से मेरी मां जरीना के सर पर मारा जिस कारण वह बेहोश हो गई. खून से पूरा शरीर लथपथ हो गया. जिसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया. पीड़िता का केस न लेने के मामले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगा है.

आरोपी को बचाने के लिए कई लोग कर रहे हैं पैरवी

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आरोपी को बचाने के लिए कई सफेदपोश समझौता करने का दबाव डाल रहे हैं. एक तरफ जरीना बीबी अपनी गरीबी और बेबसी के कारण अस्पताल के बेड में जिंदगी और मौत से जूझ रही है, वहीं दूसरी ओर उनके परिजनों को माफिया और सफेदपोश द्वारा हर हाल में समझौता करने का दबाव डाला जा रहा है. यह भी कहा जा रहा है कि अगर समझौता नहीं किया गया तो जेल भेज दिया जाएगा.

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मुफ्फसिल थाना में दलालों की होती है चांदी

थाना सूत्रों के अनुसार मुफ्फसिल थाना दलालों का अड्डा बन गया है. मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में अधिकतर मामलों में दलालों के माध्यम से समझौता कराया जाता है. दलालों का सीधा संपर्क थाना से होता है. समझौता के नाम पर दलाल द्वारा गरीबों से मोटी रकम वसूली जाती है. जिसका बंटवारा मिलकर होता है.

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पीड़ित जानवर, घर का सामान बेचकर दलाल को देते हैं रुपये

सूत्रों की मानें तो पीड़ित को दलाल द्वारा पुलिस का भय दिखाया जाता है. यहां तक कि यह भी कहा जाता है कि अगर समझौता नहीं कराया जाता है तो मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है.

क्या कहते हैं एसडीपीओ

अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्रवण कुमार ने कहा कि मामले को लेकर एफआईआर दर्ज की जा रही है, जो भी दोषी होंगे, उन्हें बख्सा नहीं जाएगा.

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