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नौ साल बीतने के बाद भी महिला थाना का अपना भवन नहीं

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RANCHI,8 November: राजधानी रांची में महिलाओं की समस्याओं की समस्याओं के निबटारे के लिए साल 2008 में महिला थाना की स्थापना की गयी. जो रांची में कोतवाली थाने से सटा हुआ है. रांची स्थित यह राज्‍य का एकमात्र महिला थाना है. स्‍थापना के समय इसे तत्‍काल कोतवाली थाने के निकट ही इंस्‍पेक्‍टर आवास में प्रारंभ किया गया और आज तक यह सुविधाओं के अभाव में इसी आवास में चल रहा है. जबकि 2008 के बाद से कई थानों के भवन का निर्माण किया गया. वहीं कोतवाली थाने का भी नया भवन बनकर तैयार है और ऐसे कयास लगाये जा रहे हैं कि, राज्य की स्थापना दिवस से पहले ही  इसका उद्घाटन भी कर दिया जाये. लेकिन  विभागीय उदासीनता की वजह से महिला थाने का भवन निर्माण आज भी राह तक रहा है.  

इंस्पेक्टर आवास में चल रहा है भवन

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जिस आवास में महिला थाना का संचालन किया जा रहा है. वह भवन कभी कोतवाली इंस्पेक्टर का आवास हुआ करता था. आनन-फानन में इस आवास में महिला थाना का संचालन तो कर दिया गया. लेकिन उसके बाद इसपर कोई ध्यान नही दिया गया. आवासीय परिसर में संचालित यह भवन जर्जर हो चुका है. वहीं बारिश में तो इसका हाल और भी बुरा होता है. थाने के आगे पानी का जमाव लगा रहता है और भवन की छत से भी पानी टपकता है. ऐसे में महिला  पुलिसकर्मियों को कई समस्याओं से दो चार होना पड़ता है. वहीं महिला थाना में पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है, और उन्हें को पानी खरीद कर पीना पड़ता है.

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आगंतुक को भी होती है कई परेशानी

महिला थाना में महिलाओं के समस्या को निपटाने के लिए पहले काउंसलिंग किया जाता है .इस वजह से थाना परिसर में भीड़-भाड़ लगा रहता है. लोगों के थाना में पहुंचने पर बैठने की भी समस्या होने लगती है. लोगों को थाना परिसर में बैठने की समुचित व्यवस्था भी नही है. आगंतुको को पीने का पानी और बाथरूम की समस्या से परेशान होना आम हो गया है.

पर्याप्त संख्या बल की कमी

महिला थाने पर शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों का भार है. ऐसे में महिला थाना में लगभग 12 पुलिस कर्मी ही मौजूद हैं. जिससे इनकी परेशानियां बढ़ जाती हैं,यदि इन्हें जाना होता है तो इससे थाना के कई कार्यों पर भी असर पड़ता है.वहीं क्षेत्र में कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए जिस अनुपात में महिला पुलिसकर्मियों संख्या होनी चाहिए उसकी भी कमी है.जिससे केस के निपटारे में भङी वक्त लगता है. 

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