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धमाकों के तार झारखंड से जुड़े, रांची में सिमी आतंकी के घर छापा

रांचीः झारखंड की राजधानी रांची में 14 जुलाई की देर रात राष्ट्रीय जांच एजेंसी नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने एक सिमी आतंकी के बरियातू स्थित ठिकाने पर छापा मारा, जिसका मुंबई हमलों में हाथ होने की आशंका है. रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रवीण कुमार सिंह ने बताया है कि एनआइए की टीम ने बीती रात लगभग 12 बजे बरियातू में सिमी आतंकवादी मंजर इमामुद्दीन के घर छापा मारा.उन्होंने बताया कि जांच दल ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से इंडियन मुजाहिदीन के आतंकवादी दानिश उर्फ़ रियाज के करीबी साथी, सिमी के मंजर इमामुद्दीन के घर पर छापा मारा लेकिन वह घर पर नहीं मिला. घर पर उसके पिता अली इमामुद्दीन और अन्य परिजन मिले. पिता ने जांच दल को बताया कि मंजर इलाज के लिए रांची से बाहर गया हुआ है लेकिन वह यह नहीं बता सके कि मंजर कहां इलाज करा रहा है. एनआइए का जांच दल और रांची पुलिस मंजर का पता लगा रही है. बताया जाता है कि एनआइए को आशंका है कि दानिश और मंजर ने जिन दो दर्जन युवकों को इंडियन मुजाहिदीन में भर्ती किया था उनमें से ही कुछ का बुधवार को मुंबई में हुए धमाकों में हाथ हो सकता है. विस्फ़ोट में इस्तेमाल दुपहिया वाहन की पहचान हुई नयी दिल्लीः सुरक्षा एजेंसियों ने उस दुपहिया वाहन के मालिक की पहचान कर ली है, जिसमें विस्फ़ोटक रख कर झावेरी बाजार में धमाका किया गया था. साथ ही साइबर विशेषज्ञ उस ई-मेल की भी जांच कर रहे हैं जिसके तार सीमा पार से जुड़े हो सकते हैं. महाराष्ट्र आंतकवाद निरोधी दस्ते एटीएस और मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने इंडियन मुजाहिदीन आईएम के दो गुर्गों समेत माफ़िया गिरोहों के सदस्यों और समाज विरोधी तत्वों से पूछताछ की है. केन्द्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने बताया कि महानगर में सिलसिलेवर विस्फ़ोटों की जांच जारी है. कई लोगों से उनके पूर्व ज्ञात संपर्कों के आधार पर पूछताछ की जा रही है. उन्होंने यहां एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं को बताया, जांच जारी है. हमने उस स्कूटर की पहचान कर ली है जिसमें बम लगाया गया था. यह पूछे जाने पर कि क्या बुधवार को हुए धमाकों के तार सीमा पार से जुड़े हैं, गृह सचिव ने कहा, हमें एक ईमल का पता चला है जो कहीं अन्य से भेजा गया है. इसका पता लगाया जा रहा है. घटनास्थल पर मौजूद सभी के चहरे फूटेज में साफ सिंह ने कहा, अब हमारे सामने वे सभी लोग और चेहरे आ गये हैं जो घटनास्थल पर मौजूद थे. स्थानीय लोगों द्वारा उनकी पहचान करवायी जा रही है कि वे स्थानीय थे या बाहरी. प्रक्रिया जारी है. 11 सीडी पर गौर किया जा रहा है. यह काफ़ी बड़ा काम है. केन्द्रीय गृह सचिव ने बताया कि स्थानीय लोगों द्वारा जिनकी पहचान नहीं हो पायी है, उनके बारे में एक डाटा बेस बनाया जा रहा है और उनकी पहचान करने का प्रयास किया जा रह है. सिंह ने बताया कि संदिग्ध लोगों की जांच की जा रही है. हमारे पूर्व डाटा बेस के आधार पर उन लोगों से पूछताछ की जा रही है, जिनके पूर्व संपर्क ज्ञात हैं. जांच जारी है. यह पूछे जाने पर कि क्या जांचकर्ता किसी निश्चित सुराग पर काम कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि अभी तक हम किसी एक निश्चय पर नहीं पहुंच पाये हैं.

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