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दिल्ली में आप का जादू, भाजपा मप्र व राजस्थान में आगे

नई दिल्ली: वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के पूर्व सेमीफाइनल माने जा रहे पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के परिणाम रविवार को आने शुरू हो गए। दोपहर तक के परिणामों से स्पष्ट हो गया कि भाजपा मध्य प्रदेश में सत्ता में फिर वापसी कर रही है और उसने राजस्थान से कांग्रेस को बाहर कर दिया है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) की शानदार शुरुआत हुई है और सत्तारूढ़ कांग्रेस तीसरे नंबर पर चली गई। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर है। 

भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपने उपाध्यक्ष राहुल गांधी को उतारने वाली कांग्रेस ने कहा कि इस बात पर आत्ममंथन करेगी, क्योंकि उसे राजस्थान की सत्ता गंवानी पड़ी, मध्य प्रदेश में भाजपा को हरा नहीं सकी और दिल्ली में भारी पराजय हुई। 

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कांग्रेस की नेता जयंती नटराजन ने कहा, “हम मध्य प्रदेश और राजस्थान में जीत हासिल करने वालों को बधाई देते हैं। दिल्ली में हमने जनादेश को स्वीकार किया है और परिणामों का परीक्षण करेंगे।”

मध्य प्रदेश में संभावित मुख्यमंत्री के तौर पर पेश किए गए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, “हमारा काम ही हमारा प्रतीक है और अब हमें वास्तविकता का सामना करना है।”

यह जनता की जीत है : केजरीवाल

नई दिल्ली, 8 दिसम्बर (आईएएनएस)| आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी की शानदार जीत “जनता की जीत” है। नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र से दिल्ली की 15 वर्ष तक मुख्यमंत्री रही शीला दीक्षित पराजित करने वाले केजरीवाल ने कुल 44,269 वोट हासिल किए। शीला दीक्षित को 18,405 और भाजपा के विजेंद्र गुप्ता को 17,952 वोट मिले। 

कनाट प्लेस में हनुमान रोड स्थित पार्टी कार्यालय के समक्ष खुशी मनाते कार्यकर्ताओं के सामने उपस्थित हुए केजरीवाल ने कहा, “यह मेरी जीत नहीं है। यह नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र की जनता की जीत है और लोकतंत्र की जीत है।”

उनके समर्थक पार्टी का चुनाव चिन्ह झाड़ू लहरा रहे थे। केजरीवाल ने कहा कि उन्हें अपनी पार्टी की जीत को लेकर हमेशा से विश्वास था।

इस बीच दीक्षित के इस्तीफे के बाद दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग ने विधानसभा भंग कर दी और दीक्षित का इस्तीफा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के पास भेज दिया।

भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि नतीजे कांग्रेस के शासन के खिलाफ गुस्से का नतीजा हैं, जो 2004 से ही केंद्र में गठबंधन सरकार का संचालन कर रही है। 

पार्टी की प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा कि जनता ने कांग्रेस के विरोधी में मत दिया है। यह मोदी का भी प्रभाव है। 

भाजपा के कार्यकर्ता पूरे मध्य प्रदेश और राजस्थान में जश्न मनाने के लिए एकत्र हो गए हैं।

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर है।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के महासचिव रमेश वरलिहानी ने आईएएनएस को कहा कि कांग्रेस सरकार बनाने की उम्मीद कर रही है। लेकिन अधिकारियों ने कहा कि दोपहर बाद भाजपा ने कांग्रेस पर मामूली बढ़त बना ली। 

कांग्रस को राजस्थान में पराजय का सामना करना पड़ा है और वह 200 सदस्यीय विधानसभा में केवल 31 सीटें ही जीत सकने की स्थिति में है। भाजपा 142 सीटों पर आगे चल रही है। 

मध्य प्रदेश में भाजपा 230 सीटों में से 149 सीटों पर जीत हासिल करने की स्थिति में है।

सबसे चौंकाने वाला जनादेश दिल्ली में रहा है जहां पिछले 15 वर्षो से सत्ता में रही कांग्रेस को भारी पराजय का सामना करना पड़ा। मुख्यमंत्री शीला दीक्षित स्वयं आम आदमी पार्टी (आम) के नेता अरविंद केजरीवाल से काफी अधिक वोटों से पिछड़ गई हैं। 

भाजपा सत्ता के काफी करीब है और वह 32 सीटों पर आगे है। आप 27 सीटों पर आगे है। 

दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष विजय गोयल ने कहा कि वे हमेशा ही ‘आप’ को प्रतिस्पर्धा में मानते थे लेकिन उसका प्रदर्शन आश्चर्यजनक है।

उधर, कांग्रेस का दावा है कि यह जनादेश राष्ट्रीय नेतृत्व के बारे में नहीं है। 

रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि इस बात को याद रखना चाहिए कि इन सभी पांचों राज्यों में लोकसभा की 543 सीटों में से केवल 73 सीटें हैं। 

वहीं, अभिषेक सिंघवी ने कहा कि मोदी की वोट बटोरने की क्षमता इन चुनावों में नहीं चली। भाजपा छत्तीसगढ़ में पिछड़ी है और दिल्ली में पूर्ण बहुमत नहीं मिला है।   (आईएएनएस)

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