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तेलंगाना के जनजातीय वर्चस्व वाले इलाकों में आदिवासियों ने आत्म-शासन की घोषणा की, बाहरियों का प्रवेश वर्जित

Hyderabad:तेलंगाना के 2000 आदिवासी गांवों ने आत्म-शासन घोषित कर दिया है, अपने-अपने इलाके में ‘मा वुल्लो मा राज्यम’ (हमारे गांव में हमारा राज्य) का नारा बुलंद करते हुए उन्होंने कहा है कि वे सरकार के साथ सहयोग नहीं करेंगे. झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान और उड़ीसा के बाद तेलंगाना में पत्थलगड़ी की तर्ज पर ही गांव-गांव में कमिटियां बनी हैं और 5वीं अनुसूची के प्रावधानों का सूचना पट्ट लगाकर गांव में बाहरी लोगों के प्रवेश को आदिवासी ग्राम सभाओं ने प्रतिबंधित कर दिया है. 

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सरकार के साथ आदिवासी संगठनों की वार्ता बृहस्पतिवार को टूट जाने के बाद यह फैसला लिया गया है. तेलंगाना के आदिवासियों की मांग है कि लम्बाड़ा जाति के लोग नियम विरुद्ध एसटी बनकर उनकी जल जंगल जमीन और आरक्षण के अधिकारों को हड़प रहे हैं इसलिए उन्हें एसटी की सूची से बाहर किया जाए.

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