Uncategorized

तालिबानी हमले के 6 साल बाद मलाला यूसुफजई की वतन वापसी, PM अब्बासी से हुई मुलाकात

Islamabad : सबसे कम उम्र में नोबेल शांति पुरस्कार पाने वाली मलाला युसूफजई का तालिबान हमले के छह साल बाद  घर वापसी पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया. पीएमएल- एन ने ट्वीट किया है, पाकिस्तान पहुंचने के कुछ ही घंटों के भीतर मलाला ने प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी और कुछ अन्य अधिकारियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय में मुलाकात की.

इसे भी पढ़ें: अरुण शौरी ने चेताया, नरेंद्र मोदी का सत्ता पर कमजोर हो रहा नियंत्रण-शाह का मजबूत, देश को बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी

एयरपोर्ट काफी खुश नजर आई मलाला

Catalyst IAS
ram janam hospital

गौरतलब है कि तालिबान ने लड़कियों की शिक्षा और उनके अधिकारों की वकालत करने के लिए 2012 में पाकिस्तान की स्वात घाटी में मलाला के सिर में गोली मार दी थी. कड़ी सुरक्षा के बीच20 वर्षीय मलाला अपने माता- पिता के साथ इस्लामाबाद के बेनजीर भुट्टो अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से बाहर निकलीं. मलाला ने पाकिस्तान सलवार- कमीज और दुपट्टा पहने हुए थी. वह बेहद खुश नजर आ रही थी. सुरक्षा कारणों से मलाला की पाकिस्तान यात्रा और उनके चार दिन के सभी कार्यक्रमों को गोपनीय रखा गया था.

The Royal’s
Sanjeevani

dsaff

 

इसे भी पढ़ें:  चार लाख का केक, 19 लाख का फूल और 2.5 करोड़ का टेंट : झारखंड की बेदाग सरकार पर अब “स्थापना दिवस घोटाले” का दाग

चार दिन तक पाकिस्तान में रुकने की संभावना

आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि मलाला के चार दिन तक पाकिस्तान में रुकने की संभावना है. इस दौरान वह प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी और सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा से भी मिलेंगी. मलाला फंड के सीईओ भी उसके साथ थे. संभावना है कि पाकिस्तान में भी‘‘ मीट द मलाला’’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा. अभी तक इस संबंध में कोई सूचना नहीं है कि वह अपने पैतृक स्थल स्वात घाटी जाएंगी या नहीं.

sxdzcxc

 

इसे भी पढ़ें:  आप चाहें या न चाहें, आपके जीवन में पहली अप्रैल से होंगे ये बड़े बदलाव

सबसे कम उम्र में मलाला को मिला नोबेल शांति पुरस्कार

गौरतलब है कि नौ अक्तूबर, 2012 को स्वात घाटी में तालिबान के बंदूकधारियों ने मलाला की स्कूल बस रोकी और उसमें घुस कर सवाल किया‘‘ मलाला कौन है?’’ जबाव मिलने पर उन्होंने उसे गोली मार दी. इस घटना ने लड़कियों की शिक्षा की पुरजोर वकालत करने वाली मलाला को दुनिया भर में मानवाधिकारों का प्रतीक बना दिया. घटना के बाद मलाला ब्रिटेन चली गयी जहां उनका इलाज बर्मिंघम में हुआ और उसने अपनी स्कूली शिक्षा भी वहीं पूरी की. मलाला 2014 में सबसे कम उम्र में नोबेल शांति पुरस्कार पाने वाली व्यक्ति बनीं. वह फिलहाल ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से अपनी शिक्षा पूरी कर रही हैं.

asdsf

 

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button