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जाधव की जिंदगी, न्याय के लिए आईसीजे गया : भारत

नई दिल्ली/इस्लामाबाद: भारत ने बुधवार को कहा कि पाकिस्तानी सैन्य अदालत द्वारा जासूसी के आरोप में कुलभूषण जाधव को मौत की सजा सुनाए जाने पर उनके जीवन की रक्षा के लिए अंतर्राष्ट्रीय न्यायिक अदालत (आईसीजे) से संपर्क किया गया। पाकिस्तान ने जाधव को राजनयिक मदद मुहैया कराने के आग्रह को 16 बार इनकार कर दिया, जो अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।

हालांकि, पाकिस्तान ने अंतर्राष्ट्रीय न्यायिक अदालत में (आईसीजे) में जाने के भारत के फैसले को ‘पाकिस्तान में भारत प्रायोजित आतंकवाद’ से ध्यान हटाने का प्रयास करार दिया। पाकिस्तान आईसीजे के अधिकार का इस मामले में विश्लेषण कर रहा है

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने कहा, “यह सावधानीपूर्वक सोच-विचारकर लिया गया फैसला है। जीवन पर खतरे का सामना कर रहे एक नागरिक के हित को ध्यान में रखकर और उसे अवैध रूप से हिरासत में लिए जाने पर यह फैसला लिया गया।”

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उन्होंने कहा, “कार्रवाई की यह प्रक्रिया एक भारतीय नागरिक का जीवन बचाने और न्याय सुनिश्चित करने के लिए सावधानी पूर्वक विचार-विमर्श के बाद चुनी गई है।”

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नीदरलैंड्स के द हेग स्थित आईसीजे ने मंगलवार को जाधव के खिलाफ पाकिस्तानी सैन्य अदालत के मृत्युदंड को निलंबित कर दिया।

आईसीजे ने मंगलवार को जारी बयान में कहा, “भारतीय गणराज्य ने 8 मई, 2017 को पाकिस्तान गणराज्य के खिलाफ राजनयिक संपर्क को लेकर वियना समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया। यह आरोप भारतीय नागरिक कुलभूषण सुधीर जाधव को हिरासत में लिए जाने व पाकिस्तानी सैन्य अदालत द्वारा मौत की सजा सुनाए जाने के मामले में लगाया गया।”

बयान में कहा गया है, “आवेदक का तर्क है कि उसे लंबे समय तक जाधव के हिरासत में लिए जाने की सूचना नहीं दी गई और पाकिस्तान आरोपी के अधिकारों को सूचित करने में असफल रहा।”

पूर्व नौसेना अधिकारी जाधव को कथित तौर पर बलूचिस्तान से मार्च 2016 में गिरफ्तार किया गया। पाकिस्तान का कहना है कि जाधव रिसर्च एंड एनेलिसिस विंग (रॉ) के लिए काम करते थे।

पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने 10 अप्रैल को जासूसी और पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध छेड़ने के आरोप में जाधव को मौत की सजा सुनाई।

बागले ने बुधवार को मीडिया से कहा कि पाकिस्तान ने जाधव को राजनयिक मदद के आग्रह को 16 बार इनकार कर दिया, जो कि अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।

बागले ने कहा कि भारत को मामले में दस्तावेज और आरोप-पत्र मांगने पर पाकिस्तान से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

बागले ने यह भी कहा कि जाधव के माता-पिता द्वारा अपने पुत्र से मिलने के लिए वीजा आवेदन पर कोई जवाब नहीं दिया गया।

इस बीच इस्लामाबाद में बैठक में प्रधानमंत्री नवाज शरीफ नं पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर बाजवा के साथ बैठक की, जिसमें आईएसआई के महानिदेशक जनरल नवीद मुख्तार और वित्त मंत्री इशाक डार भी मौजूद थे।

पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा एम. आसिफ ने ट्वीट किया, “आईसीजे को लिखा भारतीय पत्र पाकिस्तान में भारत प्रायोजित आतंकवाद से ध्यान भटकाने की कोशिश है। कुलभूषण को राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ अपराधों में दोषी पाया गया है।”

उन्होंने कहा कि कानून के जानकार हरीश साल्वे इस मामले में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। साल्वे ने बुधवार को कहा कि अदालत के भारत की याचिका पर सोमवार को सुनवाई कर सकती है।

साल्वे ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय अदालत से संपर्क कर भारत ने एक अंशबद्ध निर्णय लिया है, हम पाकिस्तान के कानूनी जवाब का इंतजार करेंगे।

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