Uncategorized

जमशेदपुर : बैठक में योजनाओं की समीक्षा

जमशेदपुर: उपायुक्त अमित कुमार की अध्यक्षता में आज जिला समाहरणालय कक्ष में विकास एवं राजस्व मामलों की जिला समन्वय समिति की बैठक हुई। विकास मामलों की बैठक में उपायुक्त ने मनरेगा लाभुकों के खाता खुलवाने, जॉब कार्ड सत्यापन, आधार सिडिंग, इंदिरा आवास, प्रधानमंत्री आवास योजना, बेरोजगारी क्षतिपूर्ति, आधार सीडिंग, विधवा सम्मान पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, आदिम जनजाति पेंशन योजना, व्यक्तिगत शौचालय निर्माण आदि दर्जनों बिंदुओं को लेकर विस्तृत समीक्षा की गयी साथ ही आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।

मनरेगा की समीक्षा के क्रम में यह बात सामने आयी कि पोटका प्रखण्ड में मैन-डेज की स्थिति बहुत दयनीय है जिस पर पोटका के बीडीओ तथा बीपीओ को उपायुक्त की फटकार का सामना करना पड़ा। यद्यपि उपायुक्त ने अन्य सभी प्रखण्डों के मामले में भी मैनडेज सम्बंधी प्रतिवेदन पर असंतोष व्यक्त की। मनरेगा के तहत जो डोभा निर्माण किये जाने है उनमें से अबतक विभिन्न प्रखण्डों में स्वीकृत हुए डोभा की संख्या से उपायुक्त ने असंतोष व्यक्त करते हुए कार्य में तेजी लाने को कहा साथ ही 2 दिसम्बर तक सभी की एमआईएस प्रविष्टि हेतु समय सीमा दी गई। जहां-जहां मनरेगा तथा समाज कल्याण के कनवर्जेंस से आंगनवाड़ी केन्द्रों का निर्माण होना है, उन्हें मार्च 2017 तक पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। जिले में कुल 4842 डोभा निर्माण के लक्ष्य के विरूद्ध अभी 1576 डोभा का कार्य प्रगति पर होना प्रतिवेदित किया गया। सभी प्रखण्डों को कुल मिलाकर 7000 डोभा स्वीकृत करते हुए एमआईएस इंट्री का निर्देश दिया गया। प्रतिवेदित किया गया कि जिले में अब तक कुल स्वीकृत 16080 इंदिरा आवास में से 11318 मामले पूर्ण हो गए हैं जबकि 4360 लम्बित हैं। इस निर्देश पर उपायुक्त श्री कुमार ने सभी बीडीओ को निर्देश दिया कि शेष लंबित इंदिरा आवासों को 31 दिसम्बर तक अनिवार्यतः पूरा करें। आधार सीडिंग का कार्य 98 प्रतिशत सत्यापन कार्य को 31 दिसम्बर तक पूर्ण करने को कहा गया। ज्यादातर जॉब कार्ड धारकों का खाता खुलवा दिया गया है सभी बचे हुए लाभुकों का खाता खुलवाने हेतु निर्देश दिया गया। मनरेगा में विलंबित भुगतान के मामलों को शून्य के स्तर पर लाने को कहा गया।

बताया गया कि आदिम जनजातियों का कोई भी परिवार पेंशन योजनाओं से नहीं छूटा है। इसका प्रमाणपत्र सभी बीडीओ से मांगा गया। समीक्षा के क्रम में पता चला कि आदिम जनजाति पेंशन के मामले में पोटका बहुत पीछे है। यहां पर 587 लाभुकों में से सिर्फ 79 को पेंशन देने की कार्रवाई की गई है। इसपर बीडीओ पोटका को कड़ी चेतावनी दी गई।

राजस्व मामलों की बैठक में संदेहास्पद जमाबंदी के मामलों के अभिलेखों को निर्धारित प्रारूप में दो सप्ताह के अंदर भेजने के लिये सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया गया। कहा गया कि संदेहास्पद दखलकारों को अंतिम रुप से नोटिस जारी कर पक्ष सुनते हुए अनुशंसा के साथ ससमय प्रस्ताव बढ़ाएं। दखल देहानी के मामलों की समीक्षा क्रम में दोनों भूमि सुधार उप समाहर्ताओं को निर्देश दिया गया कि एक साल से अधिक समय से लंबित मामलों में अविलम्ब दखल दिलाने का कार्रवाई करें। किसानों से धान खरीद हेतु जिले में 24 धान केन्द्र अधिष्ठापित हैं। उपरोक्त केन्द्रों पर पंजीकृत किसान ही धान विक्रय कर पाएंगे इसलिए सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि एक सप्ताह के अंदर अपने अपने क्षेत्रों के किसानों का पंजीकरण करवाएं। साथ ही सभी धान केन्द्रों का भौतिक सत्यापन करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button