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चुनाव नतीजों के बाद आजसू ने दियेे भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ने के संकेत

Ranchi: गोमिया और सिल्‍ली उपचुनाव के नतीजे आने के बाद भाजपा और आजसू के एनडीए गठबंधन की दरार खुल कर सामने आ गया है और सुदेश महतो ने बीजेपी के साथ गठबंधन तोडने का संकेत दिया है. आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने संकेत देते हुए कहा कि बीजेपी के साथ आगे क्‍या करना है, इसे लेकर आजसू चुनाव में भाजपा की भूमिका की समीक्षा करेगी और निर्णय लेगी.

सुदेश महतो ने उपचुनाव के नतीजे आने के बाद मीडिया के साथ बात करते हुए कहा कि खासकर गोमिया में चुनाव के दौरान हमारे पार्टी वर्कर्स को चिन्हित कर पार्टी के अभियान को प्रभावित करने का प्रयास किया गया. चुनाव एक निष्‍पक्ष प्रक्रिया है, इसमें किसी पार्टी को टारगेट कर परेशान किया जाना गलत है. चुनाव के दौरान यह खास ध्‍यान रखना चाहिए कि शासन किस रूप में काम कर रहा है.

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सुदेश ने कहा कि सिल्‍ली के साथ गोमिया सीट के लिए हमारा दावा सही था. गोमिया में हमने बीजेपी से ज्यादा जनाधार पाया है. हमें बीजेपी से ज्यादा वोट मिले. एक गठबंधन के तहत हमने जो दावा किया था इस चुनाव में सिद्ध किया है. अब इनके साथ गठबंधन और सहयोग जारी रखने पर हम पुर्नसमीक्षा करेंगे.

सुदेश महतो ने कहा कि सरकार जमीन अधिग्रहण, सीएनटी जैसे मुद्दे पर बैकफुट पर आ गई. जबकि इन मामलों में हम शुरूआती दिन से कहते रहे हैं, सरकार ने ध्‍यान नहीं दिया. बाद में जब चौतरफा दबाव बढा तो सरकार को बैकफुट पर आना पडा और निर्णय को बदलना पडा. विपक्षियों को सरकार ने बोलने का मौका दिया. इसका मतलब यह नहीं कि विपक्ष ने इन सबका नेतृत्‍व किया. विपक्ष इसका नेतृत्‍व कर ही नहीं सकता है, क्‍योकि सबसे ज्‍यादा नुकसान विपक्ष के नेतृत्‍व में ही हुआ है. सरकार की नीतियों की वजह से हमारा ही नहीं बीजेपी का भी नुकसान हुआ है.

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चुनाव के नतीजों के बारे में सुदेश महतो ने कहा कि सिर्फ यह हार और जीत का मसला नहीं है. आजसू ने गोमिया और सिल्‍ली में अपना जनाधार बढाया है. गोमिया में सिर्फ 17 दिनों में 60 हजार लोगों का जनाधार पाया है और सिल्‍ली में आजसू का जनाधार पिछले चुनाव से 17 हजार ज्‍यादा पाया है. जबकि सभी विपक्ष होकर भी अपना जनाधार खोया है. विपक्ष को पिछले चुनावों से कम वोट मिले हैं. सिल्‍ली और गामिया में आजसू को वोट देने के लिए सुदेश महतो ने वहां की जनता के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को बधाई भी दी.

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