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चीनी कंपनियां पाकिस्तान की जलविद्युत परियोजनाओं में निवेश करेंगी

बीजिंग : चीन की सिल्क रोड फंड, चाइना ट्री जॉरजस कॉपरेशन और पाकिस्तान के प्राइवेट पॉवर एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर बोर्ड ने पाकिस्तान में जलविद्युत के संयुक्त विकास के लिए सोमवार को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह जानकारी एक चीनी अधिकारी ने दी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रपट के मुताबिक, चीन के केंद्रीय बैंक की वेबसाइट पर जारी एक पोस्ट में अधिकारी ने बताया कि पिछले साल पाकिस्तान की कारोत जलविद्युत परियोजना की स्थापना के बाद 40 अरब डॉलर के निवेश में से यह पहला निवेश होगा।

कारोत जलविद्युत परियोजना में 7,20,000 किलोवॉट की स्थापित क्षमता है और इसमें प्रतिवर्ष 3,213 अरब किलोवॉट प्रति घंटे बिजली उत्पादन की क्षमता है।

अधिकारी के मुताबिक, इसका निर्माण इस साल के अंत में शुरू हो जाएगा और 2020 तक इसका संचालन शुरू हो जाने की संभावना है।

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सिल्क रोड फंड, चाइना थ्री जॉरजस कॉपरेशन की सहायक कंपनी में निवेश के माध्यम से इस परियोजना के लिए पूंजी उपलब्ध कराएगी। चाइना थ्री जॉरजस कॉपरेरशन, दक्षिण एशियाई देशों में स्वच्छ ऊर्जा परियोजाओं के विकास पर ध्यान देता है।

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फंड ‘एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक ऑफ चाइना’ से भी संयुक्त होगा, जो कि चीन की प्रमुख नीतिगत ऋणदाताओं में से एक है।

पाकिस्तान में ऊर्जा आपूर्ति में सुधार और आर्थिक विकास के लिए निर्धारित राशि से क्षेत्र के जलविद्युत परियोजनाओं में निवेश होगा और विद्युत उत्पादन क्षमता 3,350 मेगावॉट तक की जाएगी।

अधिकारी ने बताया कि निवेश का फैसला फंड की पेशेवर, विवेकी और एकीकृत मापदंड के तहत लिया गया।

सिल्क रोड फंड, ‘चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरीडोर’ के ढांचे अंतर्गत आने वाली अन्य परियोजनाओं के लिए भी वित्तीय अवसरों को विस्तार करेगी।

पाकिस्तान और चीन ने सोमवार को विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के 51 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपने इस दौरे में एक 45 अरब डॉलर की निवेश योजना का शुभारंभ करेंगे।

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