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चिदंबरम का दर्द : CBI मेरे बेटे को परेशान न करे, मुझसे सवाल करे

News Wing
New Delhi, 15 September : 
पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने आज कहा कि एयरसेल-मैक्सिस मामले में सीबीआई को उनके बेटे को परेशान करने की बजाय उनसे पूछताछ करनी चाहिए. इसके साथ ही चिदंबरम ने आरोप लगाया कि जांच एजेंसी गलत सूचना फैला रही है.

केन्द्रीय जांच ब्यूरो ने 2006 में हुये एयरसेल-मैक्सिस सौदे में विदेशी निवेश को मंजूरी देने के सिलसिले में कल पूछताछ के लिए कार्ति को बुलाया था. यह मंजूरी उस समय दी गयी थी जब उनके पिता चिदंबरम वित्त मंत्री थे.

कार्ति ने जांच जारी रहने के सीबीआई के दावे का खंडन करते हुये उसके समक्ष पेश होने से इंकार कर दिया था और कहा था कि एक विशेष अदालत ने सभी आरोपियों को आरोप मुक्त कर दिया था और इस मामले की सुनवाई समाप्त हो चुकी है. सीबीआई ने इस दावे का जोरदार खंडन किया और कहा कि जांच अब भी जारी है.

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चिदंबरम ने किये कई ट्वीट
चिदंबरम ने एक के बाद एक कई ट्वीटों में कहा, ‘‘एयरसेल-मैक्सिस में, एफआईपीबी ने सिफारिश की थी और मैंने उस कार्यवाही के विवरण (मिनिट्स) को मंजूरी दी थी. सीबीआई को मुझसे पूछताछ करनी चाहिए और कार्ति चिदंबरम को परेशान नहीं करना चाहिए.’’ चिदंबरम ने कहा, ‘‘निराश सीबीआई गलत सूचना प्रसारित कर रही है.

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एयरसेल-मैक्सिस में एफआईपीबी के अधिकारियों ने सीबीआई के सामने बयान दर्ज किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि मंजूरी वैध थी.’’ सीबीआई ने एक बयान में कहा कि मैक्सिस द्वारा एयरसेल में निवेश के लिए एफआईपीबी मंजूरी देने में कथित तौर पर एक दूसरे को लाभ पहुंचाने की जांच अब भी जारी है.

CBI का आरोप गलत : कार्ति
सीबीआई ने कहा कि यह दोहराया जाता है कि कार्ति चिदंबरम का समन उस आरोप से संबंधित है कि एफआईपीबी मंजूरी के लिए परस्पर एक दूसरे को लाभ पहुंचाने के तहत एयरसेल मैक्सिस ने कार्ति चिदंबरम के नियंत्रण वाली दो कंपनियों को पैसे दिए.

कार्ति के वकील अरूण नटराजन ने भी एक बयान जारी कर कहा कि यह कहना गलत है कि उनके मुवक्किल ने पूछताछ के लिए सीबीआई के समक्ष पेश होने से इंकार कर दिया.

कार्ति पर अनावश्यक दबाव : वकील
उन्होंने कहा कि कार्ति 19 नवंबर, 2014 को सीबीआई के समक्ष पेश हुए थे और उन्होंने सभी सवालों के जवाब दिए थे. उन्होंने यह भी कहा कि विशेष न्यायाधीश ने मामले में आरोपियों को बरी कर दिया था और कार्यवाही समाप्त कर दी थी.
वकील अरूण नटराजन ने एक बयान में कहा कि पेश होने के लिए नए समन के जवाब में एक कानूनी आपत्ति की गयी है कि सीबीआई को नए समन जारी करने का अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि उन्होंने सीबीआई से अनुरोध किया कि वह पहले अधिकारक्षेत्र का फैसला करे और इस दौरान कार्ति चिदंबरम पर पेश होने के लिए दबाव नहीं दे.

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