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केंद्रीय रसायन व उर्वरक मंत्री अनंत कुमार ने सिपेट का उदघाटन किया

रांची: अनंत कुमार, केंद्रीय रसायन व उर्वरक तथा संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि झारखण्ड सरकार द्वारा प्रारंभ सखी मंडल योजना पूरे देश के लिये रोल मॉडल है साथ ही योजना बनाओ अभियान, डोभा निर्माण, पंचायत सचिवालय का सुदृढी़करण भी राज्य के विकास के लिये मील का पत्थर साबित होंगें। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों को झारखण्ड सरकार द्वारा चलार्इ जा रही इन योजनाओं का अनुकरण करना चाहिए। वे सोमवार को सिपेट (सेंटल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी ) के शुभारंभ के अवसर पर बोल रहे थे।

श्री कुमार ने कहा कि झारखंड देश का पहला राज्य है, जहां सिपेट (सेंटल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी ) का शिलान्यास के साथ उदघाटन किया जा रहा है। अगले दो माह में यहां सत्र शुरू हो जायेगा। जिसमें 1500 छात्रों को वोकेशनल और डिप्लोमा कोर्स कराये जायेंगे। मुख्यमंत्री श्री रघ्ाुवर दास के आग्रह और प्रयास से यह संभव हो पाया है।श्री दास झारखंड को प्लास्टिक इंजीनियरिंग व टेक्नोलॉजी की राजधानी बनाना चाहते हैं। उनके विजन की तारीफ करनी होगी। राज्य सरकार इसके लिए विशेष तौर पर बधार्इ की पात्र है।
केन्द्रीय मंत्री श्री कुमार ने कहा कि झारखंड में सिंदरी खाद कारखाने को शुरू करने के लिए केंद्र सरकार ने 6000 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान की है। यहां एक लाख मैट्रिक टन यूरिया का उत्पादन होगा। झारखंड की जरूरत पूरी करने के बाद इसे दूसरे प्रदेशों के किसानों को उपलब्ध कराया जायेगा। प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के तहत राज्य में 100 नये जन औषधि केंद्र खोलने की घोषणा करते हुए श्री कुमार ने कहा कि यहां के रेलवे स्टेशन, बस अड्डों आदि स्थानों पर इन्हें शुरू किया जा सकता है। यहां लोगों को तय विश्‍वस्तरीय मानकों के अनुरूप जेनरिक दवार्इयां मिलेंगी। ये सस्ती होंगी, जिससे गरीबों को भी इलाज के लिए सोचना नहीं होगा।

श्री कुमार ने कहा कि राज्य सरकार की मांग पर तीन सिपेट और खोले जायेंगे। देवघर में ट्राइबल सिपेट खोला जायेगा। यहां ट्रार्इबल बच्चों को प्रशिक्षण दिया जायेगा। दूसरा जमशेदपुर में खोला जायेगा। यह भारत सरकार, राज्य सरकार व टाटा कंपनी के सहयोग से पी0पी0पी0 मोड पर वर्ल्ड क्लास सिपेट शुरू किया जायेगा। इसके अलावा पलामू में भी एक सिपेट खोला जायेगा। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक युग में प्लास्टिक का महत्व बढ़ गया है। सड़क, आवास, कार से लेकर मंगलयान बनाने में भी प्लास्टिक का उपयोग हो रहा है। आज इस क्षेत्र में 10 लाख लोगों की जरूरत है, परन्तु अभी मात्र दो लाख कुशल लोग ही उपलब्ध हैं। इसमें कैरियर की असीम संभावना है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने युवाओं के हाथ में हुनर देने के लिए ही स्कील इंडिया का नारा दिया है।

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मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि आज झारखंड के लिए महत्वपूर्ण दिन है। राज्य के बेरोजगार नौजवानों के हाथ में हुनर देकर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर मिलेगा। हमारे देश में कुशल कामगारों की भारी कमी है। जहां दक्षिण कोरिया में 96 प्रतिशत, जापान में 80 प्रतिशत, जर्मनी में 75 प्रतिशत, इंग्लैंड में 86 प्रतिशत कुशल कामगार हैं, हमारे देश में मात्र 10 प्रतिशत कुशल कामगार उपलब्ध हैं। हम दुनिया के सबसे नौजवान देश हैं। हम अपने नौजवानों को कुशल बनाकर न केवल उन्हें बेरोजगारी से मुक्त करा सकते हैं, बल्कि देश के विकास में अहम योगदान दे सकते हैं।

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श्री दास ने कहा कि अभी राज्य में प्लास्टिक की 80 औद्योगिक इकार्इयां कार्यरत हैं। सिपेट से प्रशिक्षित छात्र इन इकार्इयों के साथ ही अन्य क्षेत्रों में तकनीकी सहायता प्रदान कर सकते हैं। प्लास्टिक व संबंधित क्षेत्र में संभावनाओं को देखते हुए देवघर के देवीपुर में 169 एकड़ भ्ाूमि पर प्लास्टिक पार्क की स्थापना की जा रही है। इसके साथ ही रांची में फार्मा पार्क की स्थापना की जायेगी, जिसके लिए भारत सरकार से सैद्धांतिक सहमति प्राप्त हो गयी है। उन्होंने कहा कि इस परिसर में ही लगभग तीन एकड़ में अवस्थित शेड, छात्रावास आदि को सिपेट को स्थानांतरित किया जायेगा। राज्य सरकार जल्द ही प्लास्टिक इंजीनियरिंग व उद्योग को बढ़ावा देने के लिए अलग से प्लास्टिक नीति बनायेगी।

कार्यक्रम में नगर विकास मंत्री सी0पी0 सिंह, सांसद रामटहल चौधरी, विधायक जीतु चरण राम, केंद्रीय रसायन व उर्वरक सचिव अनुज कुमार बिश्‍नोर्इ, पेट्रोकैमिकल सचिव अर्पणा शर्मा, मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, अपर मुख्य सचिव अमित खरे, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुमार, उद्योग सचिव सुनील बर्णवाल, सिपेट के महानिदेशक एस0के0 नायक, सिपेट के प्रबंधक तन कुमार समेत अन्य लोग उपस्थित थे।

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