Uncategorized

कांडा के बचाव में आईं पत्नी कहा, गीतिका को मानते थे बेटी

नई दिल्ली: पूर्व एयरहोस्टेस गीतिका शर्मा की खुदकुशी मामले में आरोपी हरियाणा के पूर्व गृह मंत्री और एमडीएलआर कांपनी के मालिक गोपाल कांडा के बचाव में उनकी पत्नी सरस कांडा उतर आईं हैं.

अंग्रेजी अख़बार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में सरस ने कहा है कि वो तो गीतिका को बेटी मानते थे. खुदकुशी की खबर सुनकर गोपाल कांडा रो पड़े थे. सरस ने कहा है कि अगर गीतिका के परिवार को लगता था कि गोपाल कांडा अच्छे नहीं हैं तो छह साल तक वो क्यों गीतिका को भेजते रहे?

सरस कांडा ने कहा, ‘मैं और गोपाल कांडा गीतिका को बेटी की तरह मानते थे. जब गोपाल कांडा को पहली बार गीतिका की खुदकुशी के बारे में पता चला तब वो रो पड़े थे. मेरे पति दफ्तर जाने के लिए निकलने वाले थे जब एक स्टाफ ने फोन करके बताया कि गीतिका ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली है. इतना सुनते ही वो रोने लगे. गोपाल कांडा हमेशा कहते थे कि गीतिका की खुदकुशी के पीछे कोई साजिश है.’

सरस कांडा ने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ से कहा, ‘अगर गीतिका के परिवार को लगता था कि गोपाल कांडा ठीक व्यक्ति नहीं है तो उन्हें गीतिका को भेजना नहीं चाहिए था. हमने गीतिका को भेजने के लिए उन पर कोई दबाव नहीं डाला था. अब वो कुछ भी कह सकते हैं लेकिन सच्चाई ये है कि कुछ गलत नहीं हुआ. गीतिका कंपनी के साथ थोड़े वक्त के लिए नहीं थी. छह साल के लंबे समय तक थी. छह साल किसी को परखने के लिए काफी होते हैं.’

गोपाल कांडी की पत्नी ने कहा कि उनके पति पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और उन्हें यकीन नहीं हो रहा है कि कांडा पर इस तरह के आरोप लगाए गए हैं.

उन्होंने कहा, ‘मैं अशोक विहार में गीतिका के घर जाकर उसके परिवार को हिम्मत देने के लिए जाने वाली थी. मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि ऐसे आरोप मेरे पति पर लगाए गए हैं. गीतिका की मां कहती थी कि जब गीतिका की शादी होगी तो गोपाल उसके मामा की भूमिका निभाएंगे.’

ये बात सामने आई है कि गीतिका का परिवार और कांडा परिवार एक दूसरे से परिचित था और एक-दूसरे के घर आना-जाना भी था. इस पर सरस ने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ से कहा, ‘दोनों परिवार (कांडा और गीतिका परिवार) के बीच अच्छा रिश्ता था और दोनों परिवार एक साथ शिर्डी भी गया था. एक बार मैं गोपाल के ऑफिस गई थी और कहा था कि अपने जन्मदिन पर मैं शिर्डी जाना चाहती हूं. वहीं, मौजूद गीतिका ने कहा था कि उसका परिवार भी मंदिर जाना चाहता है. ये संयोग था कि जाने का कार्यक्रम एक साथ बना. हम साथ गए. हमने शिर्डी में एक रात गुजारी और एक रात मुंबई में भी रहे थे.’

सरस कांडा के मुताबिक, ‘हम सभी गीतिका समेत सभी स्टाफ से एक जैसा बर्ताव करते थे. मेरी आदत थी कि मैं सभी स्टाफ को पारिवारिक कार्यक्रमों में बुलाती थी. हमारा कोई व्यक्तिगत संबंध गीतिका या अरुणा चड्ढा से नहीं था. जो भी रिश्ता था वो दफ्तर तक सीमित था. वो बाकी स्टाफ के साथ ही कार्यक्रमों में शामिल होती थीं. चूंकि गीतिका और उसका भाई अंकित हमारी बड़ी बेटी के हम उम्र थे इसलिए एक दूसरे की जन्मदिन पार्टियों में शामिल होते थे.’

गीतिका को लाने के लिए गोपाल कांडा के दुबई जाने पर कांडा की पत्नी सरस कांडा ने कहा, ‘ऐसा कुछ नहीं है. अगर वो दुबई गए तो हो सकता है कि कुछ और काम से गए होंगे. गीतिका के लौटने से उसका परिवार काफी खुश था.’

अरुणा और गोपाल कांडा के रिश्तों पर सरस ने कहा, ‘गोपाल कांडा की जिंदगी में अरुणा की भूमिका के बारे में मैं नहीं जानती. मैं गोपाल कांडा पर पूरा भरोसा करती हूं.’

Advt

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button