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कर्नाटक विस चुनाव : शाम पांच बजे तक 64.5 फीसदी मतदान, वोटरों में दिखा उत्साह  

Bengaluru :  कर्नाटक विस चुनाव की वोटिंग शाम छह बजे समाप्त हो गयी. वोटिंग सुबह सात बजे शुरू हुई थी. बता दें कि 224 विस सीटों में से 222 विधानसभा सीटों पर वोट डाले गये. चुनाव अधिकारियों के अनुसार शाम पांच बजे तक 64.5 फीसदी मतदान हुआ. बता दें कि वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में 70.23 फीसदी मतदान हुआ था.  अधिकारियों ने यह भी बताया कि विधानसभा चुनाव के लिए लोगों ने बड़ी संख्या में वोट डाला. जानकारी के अनुसार  मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लोग लंबी कतार में लगाये हुए थे. मतदान खत्म होने तक पोलिंग बूथ पर लोगों की लाइन लगी हुई थी. दोपहर के बाद मतदान ने तेजी पकड़ ली. इस दौरान मैसूर,  शिमोगा,  पुत्तुर और बादामी सहित अलग-अलग इलाकों के मतदान केंद्रों पर वोटर्स में खासा उत्साह देखा गया.  15 मई यानी मंगलवार की सुबह आठ  बजे से 222 सीटों पर वोटों की गिनती शुरू होगी. परिणामों की घोषणा के साथ ही तय हो जायेगा कि कर्नाटक में कांग्रेस का दुर्ग ढहा या भाजपा का सपना चूर हो गया.  मतदान खत्म होने के बाद चुनाव आयोग की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया गया कि कुछ पोलिंग बूथों को छोड़कर तकरीबन सभी जगह मतदान की प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है.  जो लोग छह बजे से पहले लाइन में लग चुके हैं, उ नका वोट पड़ने के बाद ही ईवीएम सील होगी.  

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कर्नाटक में भाजपा,  कांग्रेस और जेडीएस के बीच भिड़ंत

Sanjeevani

 बता दें कि कर्नाटक में भाजपा,  कांग्रेस और जेडीएस के बीच भिड़ंत है. शनिवार सुबह सबसे पहले वोट डालने वालों में राज्य भाजपा प्रमुख और पार्टी के सीएम उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा,  प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष जी परमेश्वर शामिल थे. दोनों नेताओं ने शिवमोगा के शिकारीपुरा और तुमकुरू के यागेरे में अपने वोट डाले. इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने पत्नी चेन्नमा के साथ हासन जिले के पदुवलाहिप्पे में वोट डाला. साथ ही  राज्य चुनाव आइकन क्रिकेटर राहुल द्रविड़, अनिल कुंबले,  फिल्म अभिनेता रमेश अरविन्द, रविचन्द्रन और मैसूर शाही परिवार के सदस्यों ने भी अपने मताधिकार का प्रयेाग किया.  लिंगायत समुदाय के सिद्धगंगा मठ के शशिवकुमार स्वामी जी ने भी मठ के निकट के बूथ पर वोट डाला. खबरेां के अनुसार  राज्य में विभिन्न स्थानों पर ईवीएम में आयी तकनीकी खराबी के कारण वोटिंग में देरी हुई.

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2013  में कांग्रेस ने 122 , भाजपा और जद एस को 40-40 सीटें मिली थीं   

जान लें कि सर्वेक्षणों एवं ओपिनियन पोल के अनुसार सत्तारुढ़ कांग्रेस और भाजपा की सत्ता में प्रबल दावेदारी है. साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा के जनता दल सेकुलर को किंगमेकर बताया जा रहा है. राज़्य में 1985 के बाद से कोई भी दल लगातार दूसरी बार सत्ता पर काबिज नहीं हो पाया है.  1985 रामकृष्ण हेगड़े की अगुवाई में जनता दल दोबारा सत्ता पर काबिज हुआ थाकांग्रेस पंजाब के बाद कर्नाटक में दोबारा सत्ता पर काबिज रहना चाहती है. जबकि भाजपा कर्नाटक से कांग्रेस को उखाड़ कर अपनी सरकार बनाने के लिए जुटी हुई है.  भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के अनुसार कर्नाटक पार्टी के लिए दूसरी बार दक्षिण में कदम रखने का द्वार होगा.  याद करें के वर्ष 2013 के चुनाव में कांग्रेस ने 122 सीटें जीती थी. भाजपा और जद एस को 40-40 सीटें मिली थीं.      

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