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कठुआ कांड : किशोर आरोपी की अदालत में पेशी, अगली सुनवाई सात मई को

kathua :  कठुआ में आठ साल की बच्ची के बलात्कार और हत्या मामले में हिरासत में लिये गये कथित किशोर को उसके खिलाफ दाखिल अपराध शाखा के आरोपपत्र की प्रति और अन्य अभियोजक दस्तावेज देने के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया.  इस दौरान उसका चेहरा ढका हुआ था.   मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एएस लांगेह ने किशोर से पूछा कि क्या उसे आरोपपत्र और अन्य दस्तावेजों की प्रतियां मिली? इस पर उसने हां में जवाब दिया.  इसके बाद उसके मामले पर अगली सुनवाई के लिए सात मई की तारीख तय की गयी. सीजेएम लांगेह ने कल उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी.  किशोर आरोपी के वकील ने 10 अप्रैल को अपराध शाखा द्वारा उसके खिलाफ अलग से आरोपपत्र दायर करने के बाद पिछले सप्ताह उसकी जमानत के लिए अदालत का रूख किया था. किशोर ने अवयस्क होने के आधार पर जमानत मांगी थी लेकिन सीजेएम ने विभिन्न आधार पर उसकी याचिका खारिज कर दी.

 

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  उसने लड़की के अपहरण, बलात्कार और हत्या में अहम भूमिका निभाई थी

अपराध शाखा के आरोप पत्र के अनुसार, उसने लड़की के अपहरण, बलात्कार और निर्मम हत्या में अहम भूमिका निभाई थी. इस मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों में स्थानीय निवासी सांजी राम,  उसका बेटा विशाल शर्मा और दो विशेष पुलिस अधिकारी हैं. इस मामले में घूस लेने के बाद दोषियों को बचाने के लिए अहम सबूतों को नष्ट करने के आरोपों पर एक पुलिस सब इंस्पेक्टर और हेड कॉन्स्टेबल को भी पकड़ा गया है.   लड़की जंगल के एक इलाके में घोड़ों को चराते हुए लापता हो गयी थी, जिसके एक सप्ताह बाद 17 जनवरी को जंगल से उसका शव बरामद किया गया.  जम्मू कश्मीर सरकार ने यह मामला अपराध शाखा को सौंप दिया था जिसने बलात्कार और हत्या के इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल बनाया था.  

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दो अलग – अलग आरोपपत्र दाखिल किये गये थे

 इसके बाद अपराध शाखा ने मामले में दो अलग – अलग आरोपपत्र दाखिल किये थे.  इसमें एक आरोपपत्र नौ अप्रैल को सात वयस्क आरोपियों के खिलाफ और दूसरा आरोपपत्र 10 अप्रैल को किशोर आरोपी के खिलाफ दाखिल किया गया.  अपराध शाखा ने किशोर के खिलाफ दाखिल आरोपपत्र में दावा किया कि चिकित्सा जांच में यह पाया गया कि वह करीब 19 साल का वयस्क है.  बहरहाल अदालत ने इस दावे को खारिज कर दिया था.  किशोर आरोपी के खिलाफ दाखिल आरोपपत्र के अनुसार पढ़ाई छोड़ चुका आरोपी लड़की को उसका लापता घोड़ा ढूंढने में मदद करने की आड़ में उसे एक सुनसान जगह पर ले गया और उसे एक  देवस्थान पर बंधक बनाकर रखा जहां उसे नशीले पदार्थ दिये गये. उसने, विशाल और एसपीओ ने निर्मम तरीके से बच्ची की हत्या करने से पहले कई बार उससे बलात्कार किया.  

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